बीजापुर। शिक्षा विभाग की मलाईदार पोस्टिंग पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। कलेक्टर के आदेश पर जिले के 74 शिक्षकों, लिपिकों और भृत्यों का संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है। अब सभी को अपने मूल स्कूल और संस्थाओं में जाकर ड्यूटी जॉइन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

क्यों हुई कार्रवाई?

राज्य शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। पिछले कई सालों से बड़ी संख्या में शिक्षक और स्टाफ DEO कार्यालय, BEO कार्यालय, BRC, मंडल संयोजक कार्यालय, जनपद पंचायत, आदिवासी विकास विभाग और विधायक कार्यालय जैसी गैर-शैक्षणिक जगहों पर अटैच थे।

जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय ने बताया कि वर्षों पुरानी अटैचमेंट खत्म करने का मकसद स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करना और पढ़ाई व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

स्कूलों को मिलेंगे 74 स्टाफ

अटैचमेंट खत्म होने से दूर-दराज और अंदरूनी इलाकों के स्कूलों में स्टाफ की कमी दूर होगी। अब तक ऑफिसों में बैठे ये कर्मचारी वापस कक्षाओं में पहुंचेंगे।

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DEO कार्यालय से भी हटाए गए कई कर्मचारी 

– बी.एल. पुजारी → तुमनार

– जाकिर खान → नैमेड़  

– दुर्गम सुब्बैया → धनोरा

– मनोज कवटी → ईटपाल

– नरदेव सिंह → ताड़मेंट्री

इसके अलावा आदेश में कई अन्य शिक्षक-कर्मचारियों के नाम भी शामिल हैं जिन्हें मूल विद्यालयों में भेजा गया है।

सरकार के अभियान का हिस्सा, पालन न करने पर कार्रवाई

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सरकार के संलग्नीकरण समाप्त करने वाले बड़े अभियान का हिस्सा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी मूल पोस्टिंग पर वापस नहीं लौटता है तो आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय स्कूलों, अभिभावकों और शिक्षक समुदाय ने इस फैसले का स्वागत किया है।