आय से 5.28 करोड़ अधिक संपत्ति के मामले में सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक गिरफ्तार
Retired Seed Manager arrested in disproportionate assets case

EOW Takes Action : छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय को ईओडब्ल्यू ने ₹5.28 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया है। आय से 87.96% अधिक खर्च पाए जाने पर कोर्ट में पेश कर उन्हें जिला जेल बैकुण्ठपुर भेज दिया गया।

EOW Takes Action : संपूर्ण विवेचना में पाया गया कि आरोपी राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय द्वारा आलोच्य अवधि में अपने ज्ञात एवं वैध आय स्रोतों से कुल ₹6,00,47,497.77 की आय अर्जित की गई, जबकि इस अवधि में उसके द्वारा ₹11,28,67,045.50 का व्यय किया गया। इस प्रकार आरोपी द्वारा अपनी ज्ञात एवं वैध आय से ₹5,28,19,547.73 अधिक व्यय किया जाना पाया गया, जो उसकी कुल ज्ञात आय से 87.96 प्रतिशत अधिक है।

विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध धारा 13(1)(बी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 यथा संशोधित वर्ष 2018 के तहत अपराध का पर्याप्त साक्ष्य पाया गया है।

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कौन हैं आरोपी ?

गिरफ्तार अधिकारी का नाम राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय है। उम्र 63 वर्ष।
आरोपी छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड, प्रक्रिया केन्द्र अजिरमा, जिला सरगुजा में पहले उत्पादन सहायक और सेवानिवृत्ति के समय बीज प्रबंधक के पद पर थे।

कोर्ट में पेशी और जेल

EOW Takes Action : आरोपी राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय को गिरफ्तार कर न्यायिक को आज रिमाण्ड हेतु विशेष न्यायालय, बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने पर आरोपी को जिला जेल बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया में दाखिल कराया गया।

सरकारी सेवा में रहते हुए आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने का यह मामला EOW की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अब कोर्ट में मामले की आगे सुनवाई होगी।

FAQ :

आय से अधिक संपत्ति क्या होती है?

किसी व्यक्ति की कुल संपत्ति यदि उसकी वैध और घोषित आय से ज़्यादा होती है, तो उसे आय से अधिक संपत्ति माना जाता है। इसमें वेतन, व्यापार या पेशे से हुई वैध आय,
मकान, जमीन, बैंक बैलेंस, गहना आदि संपत्ति शामिल होती हैं। संपत्ति की वैधता की तुलना व्यक्ति की कुल आय से की जाती है, और अगर संपत्ति आय से बहुत अधिक हो, तो उसे कानूनी दृष्टि से संदिग्ध माना जाता है।

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आय से अधिक संपत्ति की जांच का क्या तरीका है ?

आय से अधिक संपत्ति की जांच आम तौर पर निम्नलिखित चरणों में होती है:
प्राथमिक जांच (Preliminary Enquiry):

-आरोपी का विवरण और उसकी संपत्ति की प्रारंभिक सूची तैयार की जाती है।
-संपत्ति और आय के बीच असमानता का प्रथम दृष्टया आकलन किया जाता है।

आय और संपत्ति का तुलनात्मक मूल्यांकन:

-वैध आय (वेतन, व्यापार, किराए आदि) जोड़ी जाती है।
-कुल संपत्ति में से वैध आय घटाई जाती है।
-सामान्य खर्चे जैसे परिवार के खर्चे, बच्चों की पढ़ाई आदि को भी घटाया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट का 10% नियम क्या है ?

यदि अतिरिक्त या अघोषित संपत्ति कुल वैध आय के 10% से कम हो, तो आरोपी को संदेह का लाभ मिलता है।
यदि 10% से अधिक है, तो आरोपी को कोर्ट में प्रत्येक संपत्ति का वैध स्रोत साबित करना पड़ता है।