शिक्षकों की कमी से नाराज पीएम श्री स्कूल के छात्रों का चक्का जाम
Students Block Road: Agitated by a shortage of teachers

सक्ती/मालखरौदा। सक्ती जिले के मालखरौदा में स्कूली छात्रों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। पीएमश्री आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल मालखरौदा में शिक्षकों की भारी कमी से नाराज छात्र-छात्राओं ने SDM कार्यालय के सामने वीरभाठा-मालखरौदा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। “जब तक शिक्षक नहीं मिलेंगे, तब तक नहीं हटेंगे” के नारे के साथ बच्चे सड़क पर डटे हुए हैं।

खाली पड़े हैं लंबे समय से शिक्षकों के पद

छात्रों का आरोप है कि उनके स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। स्टाफ की कमी के कारण नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही है। आक्रोशित बच्चों ने कहा कि इसी वजह से उनका भविष्य अंधकार में है। कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध का रास्ता चुना।

सड़क पर दरी बिछाकर बैठे छात्र

प्रदर्शन कर रहे छात्र मुख्य मार्ग के बीचों-बीच दरी बिछाकर बैठ गए। इससे वीरभाठा-मालखरौदा मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गईं। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने साफ कहा है कि उनकी मांग पूरी होने तक वे यहां से नहीं उठेंगे।

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छात्रों की दो-टूक चेतावनी

आंदोलन कर रहे बच्चों का कहना है – “जब तक स्कूल में नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक यह चक्काजाम जारी रहेगा”। उन्होंने प्रशासन को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि खाली पदों पर तुरंत भर्ती की जाए ताकि उनकी पढ़ाई सुचारू हो सके।

प्रशासन मौके पर पहुंचा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए। अधिकारियों द्वारा बच्चों को समझाकर जाम हटाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़ गए।

आंदोलन ख़त्म किया मगर शिक्षकों की कमी से निराशा

लगभग छः घंटे के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों के मान मनोव्वल के बाद आखिरकार छात्र माने जिसके तहत उन्होंने आंदोलन समाप्त किया है, बावजूद इसके अभी विद्यार्थी के मन में खुशी नहीं है, क्योंकि 109 छात्रों के विषयवार शिक्षकों की संख्या नाकाफी है, सबसे ज्यादा बोर्ड कक्षा के विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं, शिक्षा विभाग ने आश्वाशन तो दिया है पर बाकी शिक्षकों की कमी कैसे पूरी होगी, उन्हें भी नहीं पता है।

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शिक्षा के अधिकार को लेकर बच्चों का यह प्रदर्शन सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती की समस्या को फिर से उजागर करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन छात्रों की मांग पर कितनी जल्दी निर्णय लेता है। समझने वाली बात यह है कि जब पीएम श्री विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था का यह हाल है तो दूसरे शासकीय विद्यालयों के हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है।

FAQ

क्या है पीएम श्री योजना ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम श्री योजना की शुरुआत साल 2022 में शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी. इसका मकसद अगले पांच साल में देश के 14000 से अधिक स्कूलों को अत्याधुनिक बनाना है. इन स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार लेटेस्ट लेक्नोलॉजी, स्मार्ट क्लास, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं से लैश किया जाएगा. इसके तहत पांच साल के लिए केंद्र ने 27000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय किया. योजना साल 2026 तक ही चलनी है.

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पीएम श्री योजना के लिए कैसे होता है स्कूलों का चयन ?

पीएम श्री स्कूलों का चयन ‘चैलेंज मोड’ के माध्यम से किया जाता है. जो स्कूल कुछ न्यूनतम मानदंडों (अच्छी स्थिति में एक पक्की इमारत, बैरियर फ्री एक्सेस रैंप, बॉयज व गर्ल्स के लिए कम से कम एक-एक टॉयलेट) को पूरा करते हैं. चयन के लिए मूल्यांकन कुछ मापदंडों के आधार पर किया जाता है. जिसमें शहरी स्कूलों को कम से कम 70% और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को 60% अंक प्राप्त करने चाहिए. प्रत्येक ब्लॉक/शहरी स्थानीय निकाय से अधिकतम दो स्कूलों- एक प्राथमिक विद्यालय और एक माध्यमिक या उच्च माध्ममिक विद्यालय का चयन किया जा सकता है.