Prime Minister Narendra Modi addressing the nation from Red Fort on 80th Independence Day 2026
80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

PM Modi Independence Day Speech: देशभर में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस उल्लास, राष्ट्रीय स्वाभिमान और देशभक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक समारोह का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रध्वज फहराया।

इसके बाद उन्होंने देशवासियों को संबोधित किया और विकसित भारत के लक्ष्य के साथ युवाओं की भूमिका, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सामाजिक एकता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।

लाल किले पर पहली बार गूंजा पूरा वंदे मातरम्

स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार एक ऐतिहासिक क्षण भी देखने को मिला। लाल किले की प्राचीर पर पहली बार राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का पूरा संस्करण बजाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन हुआ। इस वर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री के तिरंगा फहराने के बाद 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) ने स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी। भारतीय वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले के ऊपर से पुष्पवर्षा की। एक हेलीकॉप्टर पर तिरंगा और दूसरे पर वंदे मातरम् लिखा झंडा लहरा रहा था।

हिंसा और अराजकता फैलाने वाली मानसिकता से सतर्क रहने की अपील

राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने समाज में हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने वाली मानसिकता के खिलाफ सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं। ऐसे तत्वों को पहचानना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि समाज को बांटने या गलत राह पर धकेलने वाली मानसिकता के खिलाफ जागरूकता जरूरी है। उन्होंने देशवासियों से ऐसी कोशिशों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

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युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवा पीढ़ी को सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना होगा। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने और उन्हें देश की विकास यात्रा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को हिंसा और अराजकता के रास्ते से दूर रहकर विकास, एकता और रचनात्मक कार्यों में योगदान देना चाहिए। देश की प्रगति के लिए युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के पास 2047 तक विकसित देश बनने का बड़ा सपना है। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश जब विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेता है तो यह उसके साहस की पहचान बनता है। उन्होंने देशवासियों से छोटे सपनों तक सीमित न रहने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और देश को अपनी क्षमताओं के दम पर आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।

आत्मनिर्भर भारत पर प्रधानमंत्री का जोर

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत को जरूरी बताते हुए कहा कि देश को दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्होंने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और लोकल फॉर लोकल जैसी पहलों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनना होगा। इसके लिए लागत, गुणवत्ता और पैमाने के वैश्विक मानकों पर खरा उतरना जरूरी है।

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किसानों के लिए वैश्विक बाजार का जिक्र

पीएम मोदी ने कृषि और फूड प्रोसेसिंग को विकास की महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए दुनिया के बाजार खुल चुके हैं और भारत को खेत से लेकर निर्यात बाजार तक अपनी पहुंच बढ़ानी होगी। उन्होंने पारंपरिक खानपान, मिलेट्स, मसालों और फल-फूल को वैश्विक ब्रांड बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत बताई।

ऊर्जा सुरक्षा को बताया समय की मांग

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को भी अपने संबोधन का अहम हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि चिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा आने वाले समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने समुद्र में ऊर्जा संसाधनों की खोज का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, समुद्र तट के 99 प्रतिशत हिस्से को पहले नो-गो एरिया माना जाता था, लेकिन अब इसे गो-अहेड जोन में बदलकर समुद्र की गहराइयों में नए भंडार खोजने का काम तेज किया गया है। इसके लिए ₹85,000 करोड़ आवंटित करने का फैसला किया गया है।

रेलवे विद्युतीकरण और हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र

प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण को लेकर कहा कि पिछले दशक में भारत ने 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल किया है। इससे आयातित डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है। उन्होंने भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन शुरू किए जाने को भी एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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डिजिटल ट्रांजैक्शन और मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी

पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों में अलग-अलग क्षेत्रों में हुई प्रगति के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन पांच गुना और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। उन्होंने डिजिटल ट्रांजैक्शन में 100 प्रतिशत बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 12 साल पहले केवल 70 शहरों में पाइप वाली गैस की सुविधा थी, जो अब बढ़कर 700 शहरों तक पहुंच गई है। आज 1.75 करोड़ घर पाइप वाली गैस से जुड़े हैं।

बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने का भरोसा

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश उनके दुख को समझता है और सरकार तथा पूरा देश प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों के योगदान को भी सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में समाज के अलग-अलग वर्गों ने देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्प और समर्पण के साथ प्रयास किए हैं।