A person working on a standing desk
फिस में लगातार 8-9 घंटे बैठने की आदत से बचें; स्टैंडिंग डेस्क का इस्तेमाल कर सेहतमंद रहें।

Healthy Life style: आजकल की डेस्क जॉब और आधुनिक जीवनशैली के कारण लोग रोजाना 8 से 9 घंटे कुर्सी पर बिता रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है। यह स्थिति शरीर में टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों, मोटापे और कंधों व कमर दर्द का मुख्य कारण बनती है। मांसपेशियों के निष्क्रिय रहने से ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित होता है।

स्टैंडिंग डेस्क: काम के साथ सेहत का बेहतरीन संतुलन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस समस्या से निपटने के लिए स्टैंडिंग डेस्क (Standing Desk) को एक बेहतर विकल्प मानते हैं। खड़े होकर काम करने वाली इस डेस्क की मदद से आप अपने कामकाजी घंटों के दौरान बैठने और खड़े रहने की स्थिति में बदलाव कर सकते हैं। शोध से पता चला है कि काम के दौरान बैठने का समय कम करने से गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक टल जाता है।

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स्टैंडिंग डेस्क के इस्तेमाल से मिलने वाले प्रमुख फायदे

कमर और गर्दन दर्द से राहत: स्थिति में बदलाव से रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम होता है और दर्द में राहत मिलती है।

ब्लड शुगर नियंत्रण: लंच के बाद खड़े होकर काम करने से शरीर शुगर को बेहतर तरीके से प्रोसेस करता है।

एनर्जी और फोकस में वृद्धि: हिलने-डुलने से सुस्ती दूर होती है और काम के दौरान दिमाग ज्यादा अलर्ट रहता है।

सावधानी: पूरे दिन लगातार खड़े रहना भी सही नहीं है। सही तरीका यही है कि आप थोड़ी देर बैठकर और बीच-बीच में खड़े होकर काम करें।

(FAQs)

प्र.1: लगातार 8-9 घंटे बैठकर काम करने से क्या नुकसान होते हैं?

उ.: लगातार बैठने से दिल की बीमारी, टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा, मांसपेशियों में अकड़न और कमर व गर्दन दर्द का जोखिम बढ़ जाता है।

प्र.2: क्या स्टैंडिंग डेस्क का इस्तेमाल पूरी तरह खड़े रहकर ही करना चाहिए?

उ.: नहीं, लगातार खड़े रहने से पैरों में दर्द हो सकता है। सही तरीका यह है कि कुछ समय बैठकर और कुछ समय खड़े होकर काम करें।

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प्र.3: डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार शारीरिक निष्क्रियता के क्या खतरे हैं?

उ.: कम सक्रिय जीवनशैली से हृदय रोग, शुगर और कई तरह के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

प्र.4: लंच के बाद खड़े होकर काम करने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

उ.: लंच के बाद खड़े होकर काम करने से शरीर शुगर को अच्छे से प्रोसेस कर पाता है, जिससे ब्लड शुगर का लेवल अचानक नहीं बढ़ता।

प्र.5: स्टैंडिंग डेस्क ऑफिस कर्मचारियों के लिए कैसे फायदेमंद है?

उ.: यह काम के घंटों में लगातार बैठने के समय को घटाती है, ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाती है और थकान दूर कर अलर्टनेस बढ़ाती है।