Custodial Death of Prisoner: बिलासपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी श्रवण सूर्यवंशी की हिरासत में हुई मौत के मामले में अब CBI जांच शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CBI की टीम बिलासपुर पहुंची और सेंट्रल जेल व सिविल लाइन थाने के दस्तावेज खंगाले। कोर्ट ने CBI को 13 अक्टूबर 2026 तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
सीपत के मोहरा निवासी 34 वर्षीय श्रवण सूर्यवंशी को आबकारी अधिनियम के मामले में 18 जनवरी 2024 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 20 जनवरी 2024 को उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल भेजा गया। जेल में तबीयत बिगड़ने पर 21 जनवरी को उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 22 जनवरी 2024 की सुबह उसकी मौत हो गई।

0 श्रवण सूर्यवंशी की गिरफ़्तारी की फाइल फोटो
न्यायिक जांच में क्या आया सामने?
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निक्सन डेविड लकड़ा ने जांच की। 22 जुलाई 2024 को दी गई रिपोर्ट में कहा गया कि श्रवण की मौत सिर की गंभीर चोट और जटिलताओं के कारण हुई। रिपोर्ट में चोट के कठोर और भोथरी वस्तु से लगने की संभावना जताई गई।
श्रवण की पत्नी लहरा बाई ने आरोप लगाया था कि सीपत थाने के हेड कांस्टेबल उमाशंकर राठौर और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके पति के साथ मारपीट की थी।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद पुलिस महकमा जाएगा और मेडिकल और न्यायिक रिपोर्ट के आधार पर घटना के ढाई साल बाद जुलाई 2025 में अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश
दरअसल परिवार ने हाई कोर्ट में मुआवजे की मांग की थी। हाई कोर्ट ने 1 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके बाद परिजन सुप्रीम कोर्ट गए।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद 25 लाख रुपए अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश देते हुए कहा कि श्रवण परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। हिरासत के दौरान हुई हिंसा के कारण उसकी अप्राकृतिक मौत हुई। सीबीआई को मामले की जांच तेजी से पूरी कर 13 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। वहीं राज्य के डीजीपी को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर सीबीआई निदेशक को सौंपने का आदेश दिया गया।

0 जांच करने के लिए सेंट्रल जेल पहुंची सीबीआई की टीम
CBI ने शुरू की जांच
सुको के आदेश के बाद CBI की टीम ने बिलासपुर पहुंचकर सेंट्रल जेल और सिविल लाइन थाना के दस्तावेज का अवलोकन किया। टीम ने केस डायरी और न्यायिक रिपोर्ट का अवलोकन भी किया। अब जल्द ही केस डायरी कब्जे में लेकर संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू होगी। CBI सीपत थाने के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 होगी। इससे पूर्व CBI को कोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश करनी है।
FAQ: हिरासत में मौत की सीबीआई जांच
सवाल 1: बिलासपुर जेल में किसकी मौत हुई थी?
सीपत के मोहरा निवासी श्रवण सूर्यवंशी की 22 जनवरी 2024 को बिलासपुर सेंट्रल जेल में हिरासत के दौरान मौत हुई थी।
सवाल 2: मौत का कारण क्या बताया गया?
न्यायिक जांच रिपोर्ट में सिर की गंभीर चोट और जटिलताओं से मौत होना बताया गया। चोट कठोर वस्तु से लगने की संभावना जताई गई।
सवाल 3: अब जांच कौन कर रहा है?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब CBI इस मामले की जांच कर रही है।
सवाल 4: सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए?
CBI को 13 अक्टूबर 2026 तक रिपोर्ट देने, परिवार को 25 लाख अंतरिम मुआवजा देने और DGP को रिकॉर्ड सौंपने का आदेश दिया।
सवाल 5: परिवार का क्या आरोप था?
मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि सीपत थाने के पुलिसकर्मियों ने हिरासत में उनके पति के साथ मारपीट की थी।


