Fake Transfer Order Case: फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में पलारी पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। SP गौरव राय के निर्देश पर कूटरचना और धोखाधड़ी के मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में आज दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं:
1. परख कश्यप पिता महेंद्र कुमार कश्यप, 36 वर्ष – निवासी सिविल लाइन बलौदाबाजार, थाना सिटी कोतवाली
2. प्रणव अवस्थी पिता कृष्णा अवस्थी, 30 वर्ष – निवासी ग्राम रिसदा गांधी चौक, थाना सिटी कोतवाली
इससे पहले 22 अगस्त को 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पहले गिरफ्तार ये हैं 4 आरोपी
1. करण कुमार देवांगन (44) – ग्रामीण चिकित्सा सहायक, PHC रोहांसी, निवासी मंगलम कॉलोनी बलौदाबाजार
2. रवि कुमार सेन (43) – निवासी कसडोल
3. पुनीराम पटेल (51) – निवासी गिरौदपुरी, भाजपा नेता
4. किशना उर्फ कृष्ण कुमार अवस्थी (53) – भाजपा नेता, निवासी रिसदा, पिता प्रणव अवस्थी
ट्रांसफर आदेश निकला फर्जी
दरअसल BMO पलारी डॉ. पंकज वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि PHC रोहांसी के RMA करण देवांगन ने बलौदाबाजार का फर्जी स्थानांतरण आदेश क्रमांक H.M./A.R./2026-27/1359 दिनांक 14/08/2026 पेश किया। इसमें उसका ट्रांसफर PHC मोपर, विकासखंड भाटापारा दिखाया गया था।
जांच में खुलासा हुआ कि राज्य संवर्ग के कर्मचारी का ट्रांसफर अधिकार केवल राज्य शासन के पास है, CMHO के पास नहीं। CMHO कार्यालय ने ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं किया था, वहीं आदेश पर हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी पाए गए।
गिरफ्तार लोगों में एक कंप्यूटर ऑपरेटर
भाजपा नेताओं के बाद पुलिस ने आज जिन 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें से परख कश्यप कंप्यूटर ऑपरेटर है, वहीं प्रणव अवस्थी, भाजपा नेता और मामले के प्रमुख आरोपी कृष्ण अवस्थी का पुत्र है। प्रणव अवस्थी, प्रखर का दोस्त है और उसी ने फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर प्रखर से बनवाया था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर असली के रूप में वायरल/प्रस्तुत किया था। पूछताछ में सभी ने अपराध स्वीकार किया है। विवेचना अभी जारी है, और भी नाम सामने आ सकते हैं।
FAQ: फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर
सवाल 1. फर्जी ट्रांसफर केस में अब कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
अब तक कुल 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। 22 अगस्त को 4 (RMA समेत) और आज 2 और – परख कश्यप और प्रणव अवस्थी को गिरफ्तार किया गया है।
सवाल 2. फर्जी आदेश क्या था?
आरोपी करण देवांगन ने CMHO का फर्जी आदेश बनाकर PHC रोहांसी से PHC मोपर में अपना ट्रांसफर दिखाया था, जबकि CMHO ने ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं किया था।
सवाल 3. इस मामले में कौन सी धाराएं लगी हैं?
थाना पलारी में BNS की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2), 3(5) के तहत अपराध दर्ज है, जो धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेज के उपयोग से संबंधित हैं।


