Chhattisgarh Tribal Politics: छत्तीसगढ़ में आदिवासी अधिकारों पर घमासान, CM साय और भूपेश बघेल आमने-सामने, जानिए किस बात पर गरमा गई सियासत
Chhattisgarh Tribal Politics: छत्तीसगढ़ में आदिवासी अधिकारों पर घमासान, CM साय और भूपेश बघेल आमने-सामने, जानिए किस बात पर गरमा गई सियासत

Chhattisgarh Tribal Politics: रायपुर। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के अधिकारों और हितों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस की विस्तारित बैठक के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

कांग्रेस ने जहां भाजपा सरकार पर आदिवासी अधिकारों को छीनने और योजनाओं को बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

कांग्रेस की बड़े आंदोलन की तैयारी

आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कांग्रेस ने रणनीति बनाई है कि पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं की असलियत टटोलेंगे। कांग्रेस का दावा है कि आदिवासी समाज में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है और पार्टी इन मुद्दों को लेकर पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।

CM साय बोले:- कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में आदिवासियों के विकास को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर करारा प्रहार किया है। बलरामपुर जाने से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक जनजातीय समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा अलग आदिवासी मंत्रालय बनाने और पीएम मोदी की ‘पीएम जनमन योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकारों ने ही आदिवासियों के वास्तविक विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।

भूपेश बघेल बोले:- छीने जा रहे अधिकार

दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर आदिवासियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार आदिवासियों के अधिकार छीन रही है और पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई जनहितकारी योजनाओं को बंद किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों पर छत्तीसगढ़ का सियासी पारा और चढ़ने के पूरे आसार हैं।

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