CG Congress: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बिजली के निजीकरण की तैयारी को जनता के साथ सीधा विश्वासघात करार दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले ही बिजली के दाम बढ़ा चुकी है और अब जनता के खून-पसीने की कमाई से खड़ी की गई सरकारी बिजली कंपनी को बेचने की साजिश रची जा रही है। मंत्रिमंडल द्वारा विद्युत कंपनी के शेयर बेचने के फैसले के बाद अब निजी कंपनियों को बिजली सप्लाई का ठेका देने की तैयारी चल रही है।
स्मार्ट मीटर और 400 यूनिट छूट खत्म करने पर प्रहार
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक मिलने वाली राहत (हाफ बिजली बिल योजना) को खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली हर परिवार, किसान और छोटे व्यवसाय की बुनियादी जरूरत है। यदि इसका निजीकरण हुआ, तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा और भविष्य में मनमाने ढंग से दाम बढ़ने का रास्ता साफ हो जाएगा।
सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
सरकारी बिजली कंपनी को कमजोर कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की नीति का कांग्रेस ने पुरजोर विरोध किया है। दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता जनता को सस्ती बिजली देना नहीं, बल्कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना है। कांग्रेस ने मांग की है कि विद्युत कंपनी के शेयर बेचने और निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था किसी निजी कंपनी की कमाई का जरिया नहीं है, और इसके खिलाफ कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
FAQ
Q1: कांग्रेस ने हाल ही में राज्य सरकार पर किस बड़े मुद्दे को लेकर निशाना साधा है?
उत्तर: कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में सरकारी बिजली व्यवस्था के निजीकरण की तैयारी और बिजली कंपनी के शेयर बेचने के मुद्दे पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
Q2: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार के इस कदम को क्या करार दिया है?
उत्तर: दीपक बैज ने बिजली के निजीकरण और निजी कंपनियों को सप्लाई का ठेका देने की तैयारी को छत्तीसगढ़ की जनता के हितों के साथ सीधा ‘विश्वासघात’ बताया है।
Q3: कांग्रेस के अनुसार आम उपभोक्ताओं पर सरकार ने क्या आर्थिक बोझ डाला है?
उत्तर: कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिए हैं, 400 यूनिट तक मिलने वाली बिजली बिल छूट खत्म कर दी है और स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
Q4: बिजली कंपनी के निजीकरण का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: निजीकरण होने से बिजली आपूर्ति सीधे निजी कंपनियों के हाथों में चली जाएगी, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी असर पड़ेगा और भविष्य में बिजली के दाम और तेजी से बढ़ेंगे।
Q5: कांग्रेस ने राज्य सरकार के सामने क्या मुख्य मांग रखी है?
उत्तर: कांग्रेस ने मांग की है कि विद्युत कंपनी के शेयर बेचने और निजी कंपनियों को बिजली सप्लाई का ठेका देने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।


