Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने वाली हैं। मौसम विभाग यानी IMD ने प्रदेश के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। अगले पांच दिनों तक छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ने वाला है। इसके कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है कम दबाव का क्षेत्र
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा मौसम तंत्र समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले 48 घंटों के दौरान और मजबूत हो सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल की ओर जाने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया गया है।
अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले पांच दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ के ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा कई इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए। नदी, नाले और अन्य जल स्रोतों के आसपास जाने में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 30 अगस्त को सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में कुछ समय के लिए बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश के कारण राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम सुहावना बने रहने की संभावना है। हालांकि लगातार बारिश के दौरान जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
लगातार बारिश से उफान पर नदी-नाले
प्रदेश में हो रही लगातार बारिश का असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है। नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से कई जगहों पर खतरे की स्थिति बन गई है।कोरबा शहर में दादर नाले का जलस्तर बढ़ने के कारण शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नाला पार कर रही एक स्कॉर्पियो तेज बहाव की चपेट में आकर पानी में डूब गई। वाहन में सवार तीन दोस्तों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। बताया गया कि करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्कॉर्पियो को भी पानी से बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने एक बार फिर तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने के खतरे को उजागर किया है।
कोरबा में सड़क पर बहकर आया डंपिंग का मलबा
भारी बारिश का असर कोरबा के कनकी-सर्वमंगला मुख्य मार्ग पर भी देखने को मिला। एसईसीएल कुसमुंडा की डंपिंग का मलबा बारिश के पानी के साथ बहकर सड़क पर पहुंच गया। देखते ही देखते मुख्य मार्ग मिट्टी और कीचड़ से भर गया। इस दौरान सड़क से गुजर रही एक कार और यात्री बस मलबे में फंस गई। कार काफी हद तक मिट्टी और कीचड़ में धंस गई, जबकि यात्री बस के पहिए भी मलबे में फंस गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली।
मैनपाट में बाइक समेत नदी में बहे युवक-युवती
सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में भी बारिश के कारण गंभीर घटना सामने आई। घूमने पहुंचे एक युवक और युवती बाइक समेत घुनघुट्टा नदी के तेज बहाव में बह गए। दोनों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद एक व्यक्ति रस्सी लेकर मौके पर पहुंचा। बताया गया कि युवती करीब एक किलोमीटर तक पानी के तेज बहाव में बह गई थी। मौके पर पहुंचे व्यक्ति ने रस्सी की मदद से युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि युवक तेज बहाव में बहकर डूब गया। युवक की तलाश जारी है। यह घटना बारिश के मौसम में नदी-नालों और तेज बहाव वाले जल स्रोतों से दूरी बनाए रखने की चेतावनी देती है।
प्रदेश में कितना दर्ज हुआ तापमान?
छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया। तापमान में गिरावट और लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में मौसम सामान्य से अधिक ठंडा महसूस हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक मौसमी बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से वर्षा के आंकड़ों में सुधार होने की संभावना जताई जा रही है।


