IAS Gyanendra Kumar Gangwar Arrested: कर्नाटक में कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की वेटरनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में कर्नाटक पुलिस की आपराधिक जांच विभाग (CID) ने शनिवार को IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को हिरासत में लिया है। कई घंटे की पूछताछ के बाद CID ने उन पर जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया और इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
लेकिन इस पूरे मामले के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार कौन हैं और KPSC की वेटरनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा से उनका क्या संबंध है?
कौन हैं IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार?
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार कर्नाटक कैडर के IAS अधिकारी (2016 बैच) हैं। KPSC की जिस वेटरनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा को लेकर कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है, उस समय वह कर्नाटक लोक सेवा आयोग में कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन यानी परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे। परीक्षा नियंत्रक के तौर पर भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में वेटरनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के दौरान CID उनकी भूमिका और उस समय परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े फैसलों की भी जांच कर रही है। हालांकि, किसी अधिकारी को जांच के दायरे में लिया जाना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
किस भर्ती परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ी?
KPSC ने कर्नाटक के पशुपालन विभाग में वेटरनरी ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इसी भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए। शिकायतकर्ता मंजूनाथ ने KPSC अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। शुरुआती तौर पर मामला विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच कर्नाटक पुलिस की CID को सौंप दी गई। 28 जुलाई के बाद से CID परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।
CID ने क्यों लिया हिरासत में?
CID अधिकारियों ने शनिवार को ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार से कई घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के दौरान उन्होंने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। अब CID यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताएं किस स्तर पर हुईं और इसमें किन अधिकारियों या अन्य लोगों की भूमिका रही। जांच एजेंसी परीक्षा के आयोजन, प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों और उससे संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जानकारी जुटा रही है।
पहले भी चर्चा में रहे IAS अधिकारी
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार हाल के दिनों में एक अन्य घटनाक्रम को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह 20 अगस्त से करीब दो दिनों तक संपर्क से बाहर रहे थे। बाद में उन्होंने सरकार से संपर्क किया था। इसके कुछ समय बाद 23 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर तलाशी भी ली थी। अब KPSC वेटरनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा मामले में CID की कार्रवाई के बाद उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में है।
अब आगे क्या करेगी CID?
CID की जांच अभी जारी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वेटरनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताएं किस स्तर पर हुईं और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हो सकता है। जांच के दौरान परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। उपलब्ध जानकारी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।


