दंतेवाड़ा। आय से अधिक संपत्ति के चर्चित मामले में दंतेवाड़ा के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष गंजीर को आखिरकार सजा मिल गई। विशेष अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए 4 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला 2017 से चल रहा था, जिस पर अब जाकर फैसला आया है।
ACB की जांच के बाद 14 फ़रवरी 2017 को इस मामले में अपराध पंजीबद्ध किया गया। साथ ही विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर 15 फरवरी 2017 को आरोपी के शासकीय आवास दन्तेवाडा वृन्दावन कॉलोनी जगदलपुर व पैतृक ग्राम कोटपाड जिला कोरापुट (ओडिशा) में छापा तलाशी कार्यवाही की गई थी। इस दौरान जगदलपुर में उनके बड़े भाई के घर से 8 लाख 71 हजार रुपये नकद, सोने के आभूषण और जमीन-मकान के कई दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच में तीन मकानों सहित कई संपत्तियों का खुलासा हुआ था।
2018 में कोर्ट पहुंचा मामला, अब आया फैसला
जांच के बाद 2018 में सुभाष गंजीर को गिरफ्तार किया गया और मामला CORRUPTION CASES/4/2018, State Government Vs. Subhash Ganjir के नाम से विशेष अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ममता शर्मा ने पैरवी की। ACB के दस्तावेजों और गवाहों को विश्वसनीय मानते हुए कोर्ट ने DEO को 88% से अधिक अनुपातहीन संपत्ति का दोषी पाया और सजा सुनाई।
FAQ: भ्रष्ट DEO को मिली सजा
सवाल 1. किसे सजा मिली है?
जवाब: दंतेवाड़ा के तत्कालीन DEO सुभाष गंजीर को आय से अधिक संपत्ति मामले में 4 साल की जेल हुई है।
सवाल 2. छापे में क्या मिला था?
जवाब: 2017 की छापेमारी में भाई के घर से 8.71 लाख रुपये कैश, सोने के गहने और जमीन-मकान के दस्तावेज मिले थे।
सवाल 3. मामला कब का है?
जवाब: शिकायत 2017 की है, केस 2018 में कोर्ट में गया और 31 अगस्त 2026 को फैसला आया।
सवाल 4. पैरवी किसने की?
जवाब: अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ममता शर्मा ने पैरवी की।


