Bastar Fighters Recruitment: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के युवाओं के लिए पुलिस विभाग में नौकरी पाने का बड़ा अवसर आने वाला है। सरकार बस्तर फाइटर्स में 4600 आरक्षकों की सीधी भर्ती करने की तैयारी कर रही है। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि स्थानीय भाषा और बोली का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को 20 बोनस अंक दिए जाएंगे। गृह विभाग ने भर्ती की नियमावली तैयार कर ली है और जल्द ही पुलिस मुख्यालय की ओर से आधिकारिक विज्ञापन जारी किए जाने की संभावना है।
इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य बस्तर के स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय संस्कृति और भाषाओं को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय उम्मीदवारों को विशेष महत्व दिया गया है।
संबंधित जिले का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य
बस्तर फाइटर्स आरक्षक भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का संबंधित जिले का स्थानीय निवासी होना जरूरी होगा। यानी बाहरी जिलों के अभ्यर्थियों की तुलना में बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं को इस विशेष भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी। शैक्षणिक योग्यता में भी अलग-अलग वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास रखी गई है। वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए 5वीं पास होने पर भी पात्र माना जाएगा। इसके अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के नक्सल पीड़ित परिवारों और राहत शिविरों में रहने वाले परिवारों के उम्मीदवारों को भी विशेष अवसर दिया जाएगा। ऐसे परिवारों के सभी वर्गों के उम्मीदवार 5वीं पास होने पर भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे।
18 से 28 वर्ष तक के उम्मीदवार होंगे पात्र
भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि आरक्षित वर्गों को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट मिलेगी। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट मिलेगी। महिलाओं, भूतपूर्व सैनिकों, नगर सैनिकों और संविदा कर्मचारियों को भी सरकारी नियमों के अनुसार अतिरिक्त आयु छूट का लाभ दिया जाएगा।
200 अंकों की होगी चयन प्रक्रिया
बस्तर फाइटर्स भर्ती की चयन प्रक्रिया कुल 200 अंकों की होगी। उम्मीदवारों को सबसे पहले 100 अंकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा देनी होगी। शारीरिक परीक्षा में लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, 100 मीटर दौड़ और 800 मीटर दौड़ जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी होगा। वहीं एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। शारीरिक परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी और योग्य उम्मीदवारों को आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
लिखित परीक्षा में स्थानीय भूगोल और संस्कृति से सवाल
मेरिट के आधार पर चयनित उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा देनी होगी। इसमें सामान्य ज्ञान, बुद्धि-विवेक, अंकगणित के साथ बस्तर के स्थानीय भूगोल और संस्कृति से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया की खास बात यह है कि स्थानीय भाषा और बोली जानने वाले उम्मीदवारों को 20 बोनस अंक मिलेंगे। गोंडी, हलबी और क्षेत्र में प्रचलित अन्य स्थानीय भाषाओं की जानकारी रखने वाले युवाओं को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। इसके बाद पदों की संख्या के तीन गुना उम्मीदवारों को 20 अंकों के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
महिलाओं और होम गार्ड्स के लिए भी विशेष आरक्षण
भर्ती नियमों में स्थानीय महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। वहीं तीन साल की सेवा पूरी कर चुके होम गार्ड्स को 25 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। भूतपूर्व सैनिकों के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। इन व्यवस्थाओं से स्थानीय युवाओं के साथ सुरक्षा और सेवा क्षेत्र में अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को भी अवसर मिलने की उम्मीद है।
बस्तर फाइटर्स में स्थानीय भर्ती क्यों है खास?
बस्तर के घने जंगलों, पहाड़ियों और दुर्गम इलाकों की जानकारी स्थानीय युवाओं को बेहतर होती है। इससे सुरक्षा अभियानों में क्षेत्र की भौगोलिक समझ का लाभ मिल सकता है। स्थानीय जवान गोंडी और हलबी जैसी बोलियों में ग्रामीणों से आसानी से संवाद कर सकते हैं। इससे पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने में मदद मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं और पीड़ित परिवारों के सदस्यों को रोजगार देकर मुख्यधारा से जोड़ना भी है। स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल की जानकारी होने से खुफिया सूचनाएं जुटाने और क्षेत्र की परिस्थितियों को समझने में भी स्थानीय जवानों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
एनपीएस या यूपीएस में से चुन सकेंगे विकल्प
चयनित जवानों को पेंशन व्यवस्था के तहत नई पेंशन प्रणाली एनपीएस या एकीकृत पेंशन योजना यूपीएस में से एक विकल्प चुनने का अधिकार दिया जाएगा। यह प्रावधान नई भर्ती में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


