छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज
बस्तर के जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज।

CG Congress: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा प्रचारित बस्तर के विकास मॉडल पर तीखा हमला बोला है। दीपक बैज ने इसे बस्तर के स्थानीय आदिवासियों के विनाश और कॉर्पोरेट घरानों की लूट का मॉडल करार दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व नक्सलियों को पुनर्वास नीति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

1 करोड़ रुपये के फंड का वादा निकला कागजी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में ‘बस्तर पंडुम’ के दौरान जगदलपुर के मंच से घोषणा की गई थी कि प्रत्येक ‘नक्सल मुक्त गाँव’ को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। दीपक बैज के अनुसार, यह घोषणा महज कागजी साबित हुई है और किसी भी गांव को यह राशि जारी नहीं की गई है। सरकार बस्तर के नाम पर केवल झूठा प्रचार कर रही है।

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निर्दोष आदिवासियों की रिहाई पर चुप्पी

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि बस्तर में जल, जंगल और जमीन की लूट का विरोध करने वाले निर्दोष आदिवासियों को नक्सली सहयोगी बताकर जेलों में ठूँस दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यधारा में लौटे दुर्दांत नक्सलियों को राहत दी जा सकती है, तो उन निर्दोष आदिवासियों की रिहाई क्यों नहीं की जा रही है जिन पर केवल सहयोगी होने का आरोप है? पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जस्टिस पटनायक समिति बनाकर निर्दोष आदिवासियों की रिहाई और वनोपजों की सही कीमत तय कर आदिवासियों के भरोसे को मजबूत किया था, जिसे भाजपा सरकार ने पूरी तरह से तोड़ दिया है।

प्राकृतिक संसाधनों की अंधाधुंध कटाई और कॉर्पोरेट फायदा

दीपक बैज का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर बस्तर के जंगलों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों, खदानों और नदियों के पानी को उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नंदराज पर्वत की फर्जी एनओसी लगाकर अडानी समूह को सौंपने, बैलाडीला, बचेली और किरंदुल की खदानें निजी समूहों को देने तथा कांकेर, बीजापुर व नारायणपुर के जंगलों को उजाड़ने का काम किया जा रहा है।

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शबरी, डंकनी और इंद्रावती नदियों के अस्तित्व पर संकट

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, शबरी, डंकनी, शंखनी और इंद्रावती जैसी पवित्र नदियों का पानी और बस्तर का बहुमूल्य खनिज पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए कुर्बान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के लिए विकास का अर्थ केवल चुनिंदा पूंजीपतियों का फायदा है, जिसके लिए पर्यावरण और स्थानीय बस्तरिया आदिवासियों के भविष्य को दांव पर लगाया जा रहा है।

(FAQ)

प्र 1. दीपक बैज ने भाजपा के बस्तर मॉडल को लेकर क्या बड़ा दावा किया है?

उ: दीपक बैज ने भाजपा के बस्तर मॉडल को विकास का नहीं, बल्कि बस्तरिया आदिवासियों के विनाश और कॉर्पोरेट लूट का मॉडल बताया है।

प्र 2. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की किस घोषणा पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है?

उ: कांग्रेस ने 2025 में जगदलपुर में की गई उस घोषणा पर सवाल उठाया है, जिसमें नक्सल मुक्त घोषित गांवों को विकास के लिए 1-1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था। कांग्रेस के अनुसार यह वादा कागजी साबित हुआ है।

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प्र 3. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों की रिहाई के लिए किस समिति का गठन किया था?

उ: पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की समीक्षा के लिए जस्टिस पटनायक समिति का गठन किया था।

प्र 4. दीपक बैज ने बस्तर की किन नदियों और संसाधनों के दोहन का मुद्दा उठाया?

उ: दीपक बैज ने शबरी, डंकनी, शंखनी और इंद्रावती नदियों के पानी तथा बैलाडीला, बचेली, किरंदुल, नंदराज पर्वत और कांकेर के खनिज व जंगलों के कॉर्पोरेट दोहन का मुद्दा उठाया।

प्र 5. पुनर्वास नीति को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?

उ: कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यधारा में लौटे और सरेंडर कर चुके पूर्व नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास योजनाओं का कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है और पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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