छत्तीसगढ़ के नगर निगमों में खाली पड़े पदों पर सीधी भर्ती की तैयारी
छत्तीसगढ़ के नगर निगमों में खाली पड़े पदों पर सीधी भर्ती की तैयारी

Gen-Z Focus:प्रदेश सरकार ने युवा पीढ़ी यानी ‘जेन-जी’ (Gen-Z) को साधने और रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

इसी कड़ी में प्रदेश के 14 नगर निगमों में वर्षों से लंबित पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। युवाओं को रोजगार से जोड़ना और निकायों के कामकाज में दक्षता लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्य सचिव ने ली उच्च स्तरीय बैठक

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने भी मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न प्रशासकीय विभागों में स्वीकृत, भरे और रिक्त पदों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत विभागवार समीक्षा की।

    बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित की जा रही भर्ती परीक्षाओं और भेजे गए इंडेंट (मांग पत्र) की प्रगति की जानकारी ली। इसके साथ ही, विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु वित्त विभाग से मिली सहमति, पूर्व में विज्ञापित पदों की स्थिति तथा अब तक की गई नियुक्तियों का ब्योरा तलब किया गया। बैठक में वर्ष 2027 के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले संभावित पदों और सभी विभागों में अद्यतन (अपडेटेड) भर्ती नियमों की स्थिति पर भी गहनता से चर्चा हुई।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव पी.दयानंद, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ चयन मंडल के अधिकारी मौजूद थे।

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14 नगर निगमों में 1127 पद खाली, भर्ती केवल 10% से भी कम

छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों का अमला घटने लगा है। राज्य के 14 नगर निगमों में चार प्रमुख श्रेणियों के कुल 1465 स्वीकृत पदों में से 1127 पद खाली पड़े हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए नगर निगमों की ओर से 266 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन वित्त विभाग ने इनमें से केवल 85 पदों पर ही सीधी भर्ती की सहमति दी है। यानी कुल खाली पदों के मुकाबले 10 प्रतिशत से भी कम पदों पर सीधी भर्ती की अनुमति मिली है।

वित्त विभाग की मंजूरी के बाद व्यापमं पोर्टल पर अपलोड होंगे पद

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वित्त विभाग (17 अगस्त 2026) की सहमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी नगर निगमों को स्वीकृत पदों का ब्योरा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृत 85 पदों में 10 राजस्व निरीक्षक, 30 सहायक राजस्व निरीक्षक, 25 सहायक वर्ग-3 और 20 उप अभियंता के पद शामिल हैं।

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श्रेणीस्वीकृत पदरिक्त पदस्वीकृत भर्ती पद
राजस्व निरीक्षक925210
सहायक राजस्व निरीक्षक43627430
सहायक वर्ग-359350025
उप अभियंता33619420
कुल योग1465112785

बिलासपुर नगर निगम में 68% पद खाली, मिले सिर्फ 13 नए पद

राज्य के प्रमुख औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्रों में शामिल बिलासपुर नगर निगम में स्थिति काफी चिंताजनक है। यहां इन चार श्रेणियों में स्वीकृत 227 पदों में से 157 पद खाली पड़े हैं। यानी निगम का लगभग 68% अमला अनुपस्थित है। बिलासपुर निगम की ओर से 13 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे सरकार ने पूरी तरह मंजूर कर लिया है। इनमें 2 राजस्व निरीक्षक, 4 सहायक राजस्व निरीक्षक, 3 सहायक वर्ग-3 और 4 उप अभियंता मिलेंगे।

रायपुर से कोरबा तक अमले की कमी का भारी दबाव

केवल बिलासपुर ही नहीं, बल्कि राजधानी रायपुर सहित अन्य प्रमुख नगर निगमों में भी काम का भारी दबाव है:

  • रायपुर: 344 स्वीकृत पदों में से 241 पद खाली हैं, जबकि सिर्फ 22 पदों का प्रस्ताव भेजा गया था।
  • भिलाई: 113 पद रिक्त।
  • दुर्ग: 121 पद रिक्त।
  • कोरबा: 102 पद रिक्त।
  • बिलासपुर: 160 पद रिक्त।

सबसे अधिक रिक्तियां सहायक वर्ग-3 (500 पद) और उप अभियंता (194 पद) की श्रेणी में हैं, जिससे प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज प्रभावित हो रहा है।

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संपत्ति कर वसूली और तकनीकी निगरानी पर पड़ रहा सीधा असर

नगर निगमों में अमले की भारी कमी के कारण सीधे तौर पर नागरिक सुविधाएं और राजस्व संग्रह प्रभावित हो रहा है। संपत्ति कर की वसूली, नए राजस्व सर्वे, अवैध निर्माणों पर रोक, विकास कार्यों की तकनीकी जांच और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। सीमित स्टाफ पर बढ़ते काम के बोझ से प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा रही है।

घटना से जुड़े मुख्य प्रश्न और उत्तर

प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगमों में कुल कितने पद खाली हैं?

उत्तर: चार महत्वपूर्ण श्रेणियों (राजस्व निरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक, सहायक वर्ग-3, उप अभियंता) में कुल 1465 स्वीकृत पदों में से 1127 पद खाली हैं।

प्रश्न 2: वित्त विभाग ने कितने पदों पर सीधी भर्ती की मंजूरी दी है?

उत्तर: वित्त विभाग ने केवल 85 पदों पर सीधी भर्ती की मंजूरी दी है।

प्रश्न 3: बिलासपुर नगर निगम में कितने पद खाली हैं और कितनी भर्ती की मंजूरी मिली है?

उत्तर: बिलासपुर नगर निगम में 157 पद खाली हैं और वहां के लिए 13 पदों पर भर्ती की मंजूरी मिली है।

प्रश्न 4: भर्ती प्रक्रिया किस एजेंसी के माध्यम से पूरी की जाएगी?

उत्तर: भर्ती प्रक्रिया के लिए पदों का विवरण ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

प्रश्न 5: अमले की कमी का सबसे ज्यादा असर किन कार्यों पर पड़ रहा है?

उत्तर: अमले की कमी का सीधा असर संपत्ति कर वसूली, अवैध निर्माण की निगरानी और विकास कार्यों की तकनीकी जांच पर पड़ रहा है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।