NIA court’s verdict in the Jhiram massacre case: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने झीरम हत्याकांड में एनआईए कोर्ट के फैसले को आधा-अधूरा न्याय बताया। उन्होंने कहा कांग्रेस फैसले का सम्मान करती है, लेकिन NIA की जांच शुरू से दिशाहीन रही और राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू की जांच नहीं की गई।
राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा झीरम का सच सामने नहीं आने देना चाहती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा गठित एसआईटी को जांच से रोका गया और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी साय सरकार ने ढाई साल में जांच शुरू नहीं की।
200 नक्सली, आरोप सिर्फ 10 पर सिद्ध?
बैज ने कहा NIA ने 200 नक्सलियों के शामिल होने और 39 को नामजद करने की बात कही थी, फिर आरोप केवल 10 पर ही क्यों सिद्ध हुए। बड़े नक्सली नेताओं के नाम FIR में होने के बावजूद चार्जशीट से क्यों हटाए गए।
सुरक्षा हटाने और बयान न लेने पर सवाल
परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाई, मार्ग किसने बदला, हमले की योजना किसने बनाई। घायल और बचे प्रत्यक्षदर्शियों के बयान नहीं लिए, कई लोग शपथ पत्र लेकर आए पर बयान शामिल नहीं हुए।
आत्मसमर्पित नक्सलियों से पूछताछ क्यों नहीं
बैज ने कहा झीरम में नामजद रहे चैतू उर्फ श्याम दादा, रूपेश उर्फ मोल्ला राजिरड्डी, निर्मला उर्फ सुमित्रा, भूपति उर्फ सोनू दादा, केंद्रीय समिति सदस्य सुजाता जैसे बड़े नक्सलियों ने बाद में आत्मसमर्पण किया, NIA ने इनसे पूछताछ क्यों नहीं की, अभियोजित क्यों नहीं किया। गणपति उर्फ मुपल्ला लक्ष्मण राव, रमन्ना जैसे फरार आरोपियों के नाम हटाने पर भी सवाल।
उन्होंने तत्कालीन CM, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, DGP, ADG नक्सल और संदिग्ध समर्पित नक्सलियों का नार्को टेस्ट कराने की मांग की। आरोप लगाया भाजपा सच सामने नहीं आने देना चाहती, कांग्रेस सरकार की SIT जांच को रोका गया, सुप्रीम कोर्ट के बाद भी साय सरकार ने ढाई साल में जांच शुरू नहीं की।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सवाल 1. कांग्रेस ने झीरम फैसले पर क्या कहा?
जवाब: दीपक बैज ने NIA कोर्ट के फैसले को आधा-अधूरा न्याय बताया, राजनीतिक षड्यंत्र की जांच नहीं होने का आरोप।
सवाल 2. NIA जांच पर क्या सवाल उठाए?
जवाब: 200 नक्सलियों के शामिल होने और 39 नामजद की बात, फिर सिर्फ 10 पर आरोप सिद्ध, बड़े नाम चार्जशीट से क्यों हटे।
सवाल 3. आत्मसमर्पित नक्सलियों को लेकर क्या कहा?
जवाब: चैतू, रूपेश, निर्मला, भूपति, सुजाता जैसे बड़े नक्सलियों ने सरेंडर किया, NIA ने पूछताछ और अभियोजन क्यों नहीं किया।
सवाल 4. कांग्रेस की मांग क्या है?
जवाब: तत्कालीन CM, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, DGP, ADG नक्सल और संदिग्ध समर्पित नक्सलियों का नार्को टेस्ट हो, SIT जांच शुरू हो।


