Congress stages unique protes: शिक्षक दिवस पर जहां लोक भवन में सम्मान समारोह चल रहा था, उससे महज 50 मीटर दूर बाबा साहेब अंबेडकर प्रतिमा के पास शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ मौन धरना दिया। शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर हाथ में लेकर विरोध जताया।

कांग्रेसियों ने हाथ में पोस्टर लेकर प्रदेश भर में 60 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती में देरी, कांग्रेस सरकार में बने हजारों स्कूलों की बदहाली, स्वामी आत्मानंद स्कूलों में गिरता शिक्षा स्तर, शिक्षकों का गैर-शिक्षकीय कार्यों में शोषण, आत्मानंद स्कूल शिक्षकों के मानदेय न बढ़ने, रायपुर के आत्मानंद स्कूलों में 155 रिक्त पदों पर भर्ती न होने, स्कूलों की गिरती छत और पानी भरे मैदान जैसे मुद्दे उठाए।
मेनन ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना
शहर अध्यक्ष मेनन ने कहा कि पिछले 12 सालों में केंद्र की शिक्षा नीति ने व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। RTE के तहत गरीब बच्चों के निशुल्क प्रवेश को खत्म किया गया। ढाई साल में आत्मानंद स्कूलों को बदहाल कर दिया, ये बच्चों, पालकों और शिक्षकों पर अत्याचार है। डॉ. राधाकृष्णन से डॉ. मनमोहन सिंह तक ने शिक्षा में सुधार की बात की, पर पेपर लीक, 1 लाख से ज्यादा स्कूल बंद कर युक्तियुक्तकरण ने शिक्षा को आम लोगों की पहुंच से दूर कर दिया।

पूर्व विधायकों ने भी खोला मोर्चा
पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने शहर के सभी आत्मानंद स्कूलों की बदहाली के लिए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को दोषी बताया और BJP की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया। पूर्व जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा ने BJP-RSS पर स्कूलों का उपयोग संघ की शाखा लगाने और पिछले दरवाजे से अपने रिश्तेदारों की भर्ती करने का आरोप लगाया, कहा देश की शिक्षा व्यवस्था सर्वकालिक सबसे निचले स्तर पर है।
धरने में श्रीकुमार शंकर मेनन, कुलदीप जुनेजा, पंकज शर्मा, देवेंद्र यादव, सुशांत डे समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता मौजूद रहे।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सवाल 1. कांग्रेस ने मौन धरना क्यों किया?
जवाब: 10-12 साल में बदहाल हुई शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की कमी और आत्मानंद स्कूलों की दुर्दशा के खिलाफ, शिक्षक दिवस पर।
सवाल 2. मुख्य मांगें क्या थीं?
जवाब: 60 हजार शिक्षक भर्ती में तेजी, आत्मानंद स्कूलों के 155 रिक्त पद भरना, शिक्षकों के मानदेय बढ़ाना, गैर-शिक्षकीय कार्यों में उपयोग बंद करना।
सवाल 3. धरना कहां और किसके नेतृत्व में हुआ?
जवाब: राजभवन से 50 मीटर दूर अंबेडकर प्रतिमा के पास, शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में, मुंह पर काली पट्टी बांधकर।


