बिलासपुर। जन्माष्टमी के मौके पर मटका बांधते समय 11 केवी हाईवोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसा शुक्रवार को बिलासपुर के राजीव गांधी चौक पर हुआ था। गंभीर रूप से झुलसे युवक रेहान खान को तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर स्वागत गेट के ठीक ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन को लेकर लोगों ने चिंता जताई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लोहे के गेट के ऊपर हाईवोल्टेज लाइन होने के बावजूद वहां मटका बांधने की व्यवस्था की गई थी।
मटका बांधते समय हाईवोल्टेज लाइन की चपेट में आया युवक
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर राजीव गांधी चौक पर पेट्रोल पंप के सामने PWD की ओर से स्वागत गेट लगाया गया था। ओमनगर जरहाभाठा निवासी रेहान खान सीढ़ी के सहारे गेट के ऊपर चढ़कर जन्माष्टमी का मटका बांध रहा था।
इसी दौरान वह गेट के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने युवक को गेट से नीचे उतारा और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे सिम्स में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान रेहान की मौत
हादसे में गंभीर रूप से घायल रेहान का सिम्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। शुक्रवार को हुए हादसे के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रेहान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। वहीं घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है।
हाईवोल्टेज तार के नीचे लोहे का गेट लगाने पर उठे सवाल
हादसे ने बिजली लाइन के नीचे अस्थायी स्वागत गेट और आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजीव गांधी चौक पर लोहे का गेट ऐसी जगह लगाया गया, जिसके ठीक ऊपर 11 केवी बिजली लाइन गुजर रही थी। ऐसे में गेट पर चढ़ने वाले व्यक्ति के लिए खतरा पहले से मौजूद था।
लोगों का सवाल है कि सार्वजनिक आयोजन के लिए गेट लगाने से पहले बिजली लाइन और उसकी ऊंचाई की सुरक्षा जांच क्यों नहीं की गई। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि संबंधित विभागों के बीच आयोजन से पहले समन्वय हुआ था या नहीं।
CSEB ने कहा- बिजली लाइन पहले से थी, बाद में लगा गेट
मामले को लेकर CSEB के SE ईएल सिदार ने बताया कि 11 केवी बिजली लाइन पहले से मौजूद थी। इसके बाद वहां लोहे का स्वागत गेट लगाया गया। SE के मुताबिक, गेट लगाने से पहले संबंधित विभाग की ओर से बिजली विभाग को इसकी अनुमति या जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने मामले की जांच के लिए EE भरतभूषण को निर्देश दिए हैं। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


