Jhiram Ghati Naxal attack मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे हमले में मारे गए नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों के परिवारों के लिए न्याय की दिशा में अहम कदम बताया।
साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुराने जेब में सबूत वाले दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पांच साल की सरकार में उन्होंने उन सबूतों को अदालत के सामने क्यों नहीं रखा।
31 लोगों की मौत से दहल गया था छत्तीसगढ़
किरण सिंह देव ने कहा कि 25 मई 2013 को दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में हुआ नक्सली हमला छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक था। हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित कई नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी। इस हमले में कुल 31 लोगों की जान गई थी। लंबे समय से पीड़ित परिवार और प्रदेश की जनता इस मामले में सच सामने आने का इंतजार कर रही थी।
10 आरोपी दोषी ठहराए गए
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, NIA की जांच और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अदालत ने 101 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों पर विचार किया। इसके बाद 10 आरोपियों को दोषी ठहराया गया। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। किरण देव ने अदालत के इस फैसले को पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
जेब में सबूत वाले दावे पर बघेल से सवाल
अदालत के फैसले के बाद किरण सिंह देव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी निशाना साधा। उन्होंने बघेल के उस पुराने दावे का जिक्र किया, जिसमें वे झीरम मामले से जुड़े सबूत होने की बात कहते रहे थे। किरण देव ने सवाल किया कि अगर बघेल के पास झीरम मामले से जुड़े अहम सबूत थे, तो अपने पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने उन्हें अदालत के सामने क्यों नहीं रखा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बघेल को अब स्पष्ट करना चाहिए कि वह कौन-सी पर्ची थी, जिसे वे बार-बार अपनी जेब से निकालकर सबूत के तौर पर दिखाने की बात करते थे।
नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
किरण सिंह देव ने कांग्रेस नेताओं के नक्सलवाद को लेकर दिए गए कथित बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से नक्सलियों को लेकर सहानुभूतिपूर्ण टिप्पणियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से सुरक्षा बलों के मनोबल और नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई पर सवाल खड़े होते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस से नक्सलवाद के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि पार्टी आतंक और हिंसा के खिलाफ किस स्पष्ट नीति के साथ खड़ी है।
नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प दोहराया
किरण सिंह देव ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान जारी है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सरकार की नीतियों से बस्तर में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में विकास, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करते हुए अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना भी सरकार की प्राथमिकता है।


