Chhattisgarh Smart Meter: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटरों में कथित गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की है।
महंत का दावा है कि प्रदेश के कुछ इलाकों में बिजली के उपकरण बंद होने के बावजूद स्मार्ट मीटर की रीडिंग बढ़ती मिली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल 2 से 4 गुना तक बढ़ गए।
उपकरण बंद, फिर भी दौड़ रहा मीटर
महंत ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से शिकायतें मिल रही हैं। उपभोक्ताओं की ओर से ऐसे वीडियो और अन्य साक्ष्य भी सामने रखे गए हैं, जिनमें घर के बिजली उपकरण बंद होने के बावजूद मीटर चलता हुआ दिखाई दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने इन शिकायतों को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।


सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी का लगाया आरोप
डॉ. महंत ने स्मार्ट मीटर की समस्या को केवल तकनीकी त्रुटि मानने से इनकार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर की सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में गंभीर गड़बड़ी हो सकती है, जिसका असर उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी जांच से अभी पुष्टि नहीं हुई है।
बिल बढ़ने से उपभोक्ताओं पर बोझ का आरोप
महंत ने कहा कि महंगाई और बिजली की बढ़ी दरों के बीच स्मार्ट मीटर से जुड़े बढ़े हुए बिल आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर गरीब, किसान और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है।

संदिग्ध मीटर बदलने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से संदिग्ध स्मार्ट मीटरों की तत्काल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर ऐसे मीटरों को बदला जाना चाहिए। साथ ही स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग की।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
डॉ. चरणदास महंत ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर बिजली कार्यालयों का घेराव करेगी। उन्होंने सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करने की चेतावनी दी है। अब इस पूरे मामले में सरकार और बिजली विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर है।


