Barabanki Couple Case: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शादी और गर्भावस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विवाद सुलझाने के लिए थाने पहुंचे दंपती के मामले में अचानक उस समय हड़कंप मच गया, जब महिला ने थाना परिसर के पास मंदिर के समीप बच्चे को जन्म दे दिया। महिला की शादी 20 जून को सूरज नाम के युवक से हुई थी।
बताया जा रहा है कि शादी के करीब 45 दिन बाद ही उसने बच्चे को जन्म दिया। मामले की सबसे अहम बात यह है कि पति और पत्नी ने गर्भावस्था की वजह को लेकर अलग-अलग दावे किए हैं। पति का आरोप है कि शादी से पहले उसकी पत्नी का गांव के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग था। वहीं, महिला ने इस आरोप को खारिज करते हुए युवक पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाया है। पुलिस अब दोनों पक्षों के बयानों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
शादी के 10 दिन बाद गुजरात चला गया पति
जानकारी के मुताबिक, सुबेहा थाना क्षेत्र के रहने वाले सूरज और शिवानी की शादी 20 जून को हुई थी। शादी के करीब 10 दिन बाद सूरज काम के सिलसिले में गुजरात चला गया। इसके बाद परिवार में उस समय विवाद शुरू हो गया, जब परिजनों ने सूरज को उसकी पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी दी। गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ गया। मामला पुलिस तक पहुंचा और दोनों पक्षों को शिकायत के सिलसिले में सुबेहा थाने बुलाया गया।
समझौते के दौरान थाने के पास हुआ प्रसव
सुबेहा थाना प्रभारी बेचू सिंह के मुताबिक, दोनों पक्ष आईजीआरएस पर की गई शिकायत के मामले में थाने पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौते की स्थिति बन गई थी। इसी दौरान महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। महिला को थाने के पास स्थित मंदिर के समीप ले जाया गया, जहां उसने बच्चे को जन्म दे दिया। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल महिला और नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। बाद में डॉक्टरों ने दोनों को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया।
पति का दावा- शादी से पहले था प्रेम प्रसंग
सूरज का आरोप है कि उसकी पत्नी का गांव के ही बबलू नाम के युवक से कथित प्रेम संबंध था। पति के मुताबिक, इसी संबंध की वजह से गर्भावस्था हुई और शादी के बाद मामला सामने आया। सूरज का यह भी दावा है कि विवाद के दौरान उसकी पत्नी ने बबलू से संबंध होने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पत्नी बोली- बबलू ने की थी जबरदस्ती
दूसरी ओर, शिवानी ने पति के आरोपों से बिल्कुल अलग कहानी बताई है। महिला का कहना है कि बबलू ने एक दिन शौच के दौरान उसके साथ जबरदस्ती की थी। उसने दावा किया कि सामाजिक बदनामी और लोकलाज के डर से उसने इस घटना की जानकारी परिवार के किसी सदस्य को नहीं दी। महिला के इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब पुलिस के सामने यह जांच करना अहम है कि महिला द्वारा लगाए गए जबरदस्ती के आरोप में कितनी सच्चाई है और गर्भावस्था की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
गर्भावस्था की जानकारी को लेकर भी सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल गर्भावस्था की जानकारी को लेकर है। शिवानी का कहना है कि उसके गर्भवती होने की जानकारी ससुराल पक्ष के लोगों को पहले से थी। वहीं, सूरज का दावा है कि उसे गुजरात में रहने के दौरान करीब डेढ़ महीने बाद पत्नी की गर्भावस्था की जानकारी मिली। दोनों बयानों में अंतर होने के कारण पुलिस के सामने यह पता लगाना जरूरी हो गया है कि गर्भावस्था की जानकारी परिवार में किसे, कब और किस माध्यम से मिली थी।
40-50 हजार रुपये देने का भी आरोप
सूरज ने बबलू पर आर्थिक समझौते की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है। उसके मुताबिक, बबलू कथित तौर पर 40-50 हजार रुपये देने और बच्चे की सात साल तक परवरिश करने की बात कह रहा था। सूरज ने पुलिस पर समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, पुलिस पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस आरोप पर क्या कार्रवाई की गई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अब जांच में सामने आएगी सच्चाई
थाने के पास महिला द्वारा बच्चे को जन्म दिए जाने की घटना के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर पति शादी से पहले प्रेम संबंध का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर पत्नी जबरदस्ती किए जाने की बात कह रही है। साथ ही गर्भावस्था की जानकारी ससुराल पक्ष को पहले से होने या न होने को लेकर भी दोनों पक्षों के बयान अलग हैं। अब पुलिस जांच में बयानों, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की कोशिश करेगी। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोप को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।


