टीआरपी डेस्क। देश में कोरोना से लड़ने व संक्रमितों की जान बचाने हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए तमाम तरह की सुविधाएं भी दी जा रही है। ताकि कोविड मृत्यु दर कम हो सके।

मगर इस बीच छत्तीसगढ़ के बालोद कोविड अस्पताल में लापरवाही का मामला सामने आया है। कोविड के ऑक्सीजन वार्ड में तीन मरीजों को तीन माह पहले एक्सपायर हो चुकी ग्लूकोज की बॉटल चढ़ा दी गई।

मरीजों हंगामे के बीच अस्पताल प्रशासन की नींद खुली। कोविड मरीजों के साथ की गई लापरवाही के मामले में कलेक्टर ने संविदा में लगी नर्स को बर्खास्त कर दिया है। मगर स्टोर कीपर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

नर्स ने जब संक्रमितों को 500 एमएल की 4-4 बॉटल चढ़ा दी, तो किसी एक संक्रमित मरीज की नजर ग्लूकोज की बॉटल पर गई। एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाने को लेकर हंगामा मचा और फिर आनन-फानन में कार्रवाई हुई। आपको बता दें कि बालोद में तारिणी साहू 26 नवम्बर को रात की ड्यूटी में थी।

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जिन्होंने बगैर जाचें संक्रमितों को एक्सपायरी ग्लूकोज की बॉटल चढ़ाई थी। ये बॉटल्स जुलाई 2020 में एक्सपायर हो गई थी। जब मरीजों ने हंगामा मचाया, वीडियो फूटेज बनाकर वायरल किया, तो प्रशासन जागा।

लापरवाही के उजागर होते ही नर्स को तो बर्खास्त कर दिया, लेकिन स्टोर कीपर जिन्होंने बॉटल नर्स को दी, उसके खिलाफ कुछ नहीं किया गया। इस मामले में कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा अस्पताल की दवाइयों को चेक करने भी कहा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।