आधार कार्ड वेरीफिकेशन के नाम पर हुई एक लाख रुपए की ठगी

टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ठगी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बिलासपुर के एक बुजुर्ग से मोबाइल नंबर के लिए आधार कार्ड वेरीफिकेशन के नाम पर एक लाख रुपए ठग लिए।

शातिर ठगों ने ऑनलाइन वेरीफिकेशन की बात कही। उनके बताए अनुसार, बुजुर्ग ने प्रोसेस किया और खाते से दो बार में रकम कट गई। इसके बाद बुजुर्ग थाने पहुंचे और FIR दर्ज कराई। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, रिवर व्यू कॉलोनी निवासी शशिकांत चतुर्वेदी (62) के मोबाइल नंबर पर BSNL के ग्राहक सेवा केंद्र से 24 फरवरी को आधार कार्ड लिंक नहीं होने के चलते नंबर बंद करने का मैसेज आया। इस पर उन्होंने नंबर पर कॉल किया, लेकिन नहीं लगा। इसके बाद अगले दिन उसी नंबर से कॉल आया। ठगों ने उनके बताए अनुसार ऑनलाइन वेरीफिकेशन की बात कही। उनकी बातों में आकर बुजुर्ग ने वैसा ही प्रोसेस किया।

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प्रोसेस पूरा होते ही उनके बैंक खाते से दो बार में 97 हजार और 2797 रुपए काट लिए गए। खाते से रुपए कटते ही बुजुर्ग परेशान हो गए और बैंक जाकर लॉक करा दिया। इसके बाद बुजुर्ग के पास फिर ठगों ने कॉल किया और गलती से रुपए कटने की बात कही। साथ ही फिर झांसा दिया कि उनके बताए अनुसार करें तो रुपए वापस आ जाएंगे, लेकिन बुजुर्ग को डर था कि बात मानी तो शेष राशि भी खाते से निकल जाएगी। ऐसे में उन्होंने मना कर दिया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।