गगनयान मिशन के लिए भारतीय गगननॉट्स तैयार, अंतरिक्ष में बिताएंगे 7 दिन
image source : google

टीआरपी डेस्क। भारत के पहले मानव मिशन गगनयान के लिए भारतीय वायुसेना के 4 ऑफिसर्स ‘टेस्ट पायलट’ की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इन चार भारतीय एस्ट्रोनॉट्स की रूस की राजधानी मॉस्को के नजदीक जियोजनी शहर में स्थित रूसी स्पेस ट्रेनिंग सेंटर में पिछले एक साल से ट्रेनिंग चल रही थी। अब इनकी ट्रेनिंग भारत में भी होगी। गुरुवार को केंद्र सरकार ने बताया कि इनकी ट्रेनिंग इस साल मई या जून से शुरू हो जाएगी।

रूस के स्पेस कॉर्पोरेशन के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने भी बताया कि भारतीय गगननॉट्स ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है। इनकी ट्रेनिंग गैगरीन कॉस्मोनॉट्स ट्रेनिंग सेंटर में हुई। इसके बाद हमने भारतीय राजदूत से भविष्य में द्विपक्षीय स्पेस मिशन को लेकर बातचीत की। हमने उनसे कहा कि रूस भारत के साथ स्पेस मिशन करना चाहता है।

ISRO और रूस के ग्लवकॉस्मॉस के बीच हुआ समझौता

बता दें, भारतीय एयरफोर्स अधिकारियों को गगननॉट्स बनाने के लिए इंडियन स्पेस रिसर्च ऑपरेशन (ISRO) और रूस के ग्लवकॉस्मॉस के बीच जून 2019 में समझौता हुआ था। फिलहाल भारतीय वायुसेना के चार पायलट की ट्रेनिंग गैगरीन कॉस्मोनॉट्स ट्रेनिंग सेंटर में पूरी हो चुकी है। इनकी ट्रेनिंग 10 फरवरी 2020 से शुरू हुई थी, लेकिन कोरोना की वजह से इसे कुछ दिनों के लिए रोकना पड़ा था। बाद में इसे 12 मई में शुरू किया गया।

See also  8वीं पास हैं महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण महाराज, जानिए पूरी लाइफ हिस्ट्री

इससे पहले ISRO के वैज्ञानिकों ने बताया था कि रूस में ट्रेनिंग लेने के बाद इन चारों गगननॉट्स को बेंगलुरु में गगनयान मॉड्यूल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस मॉड्यूल को ISRO ने खुद बनाया है। इसमें किसी भी अन्य देश की मदद नहीं ली गई है।

ISRO ने पहले दिसंबर 2021 तक गगनयान मिशन भेजने की बात कही थी। वहीं, मानव रहित मिशन के लिए दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 का समय तय किया था। हालांकि, अब इन दोनों मिशन की लॉन्चिंग में भी देरी हो सकती है। जानकारी अनुसार, गगनयान मिशन के तहत 2022 तक भारत के अंतरिक्षयात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है।

मिशन पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए का खर्च

गगनयान मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2018 को लालकिले से की थी। मिशन पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसके लिए 2018 में ही यूनियन कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी। गगनयान प्रोजेक्ट में 4 अंतरिक्ष यात्री भेजे जाएंगे, जो 7 दिन अंतरिक्ष में गुजारेंगे।

See also  डेढ़ लाख कीमत के प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप के साथ दो सगे भाई गिरफ्तार

इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि गगनयान मिशन दुनिया के सामने इतिहास बनाएगा। राज्यसभा में जानकारी देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा था कि गगननॉट्स धरती के ऊपर निचली कक्षा में भेजा जाएगा।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।