अब रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बगैर मास्क और थूकते पकड़े जाने पर जेब होगी ढीली, 6 माह के लिए नियम लागू

रायपुर। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अब बगैर मास्क और थूकते पकड़े जाने पर यात्रियों की खैर नहीं होगी। ऐसा करते पकड़े जाने पर यात्रियों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। रायपुर रेल मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे बोर्ड ने कोविड-19 महामारी की रोकथाम के मद्देनजर ट्रेनों, स्टेशनों और रेल परिसरों में मास्क नहीं पहनने और थूकने वालो के पर जूर्माना लगाने का प्रावधान किया है।

ये दिशानिर्देश तत्काल प्रभाव से आगामी 6 महीने तक लागू हो गए हैं। कोई भी यात्री यदि स्टेशनों , ट्रेनों में प्रवेश करते समय मास्क नहीं पहनता और थूकने के लिए चिन्हित किए गए जगह को छोड़कर अन्य स्थानों में थूकते पकड़ा जाता है तो रेलवे अधिनियम के अनुसार 500 रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से कोविड संक्रमण को रोकने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया है। किसी भी प्रकार की शारीरिक अस्वस्थता की स्थिति में यात्रा टालकर खुद सुरक्षित रहने और अन्य यात्रियों को सुरक्षित रखने में मदद करने की अपील की गई है।

See also  जबलपुर में बना जनरल पर्पज बम, बड़े बंकर को पलभर में कर सकते हैं तबाह

रेल मंत्रालय द्वारा स्टेशन में प्रवेश एवं यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को मास्क/फेस कवर पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रेल परिसर में स्वच्छता को बनाये रखने पर बल दिया गया है। इधर-उधर थूकना अथवा गन्दगी करना प्रतिबंधित कर दिया गया है, क्योंकि ऐसा करने से गन्दगी के साथ ही अन्य लोंगो का जीवन खतरे में पड़ सकता है। थूकने के लिए थूकदान का प्रयोग करें।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।