ममता बनर्जी

टीआरपी डेस्क। ममता बनर्जी ने बुधवार को तीसरी बार कोलकाता के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उन्हें शपथ दिलाई। ममता के मंत्री 6 मई को शपथ ले सकते हैं। ममता का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के टाउन हॉल में हुआ।

ममता के शपथ ग्रहण में BCCI प्रेसिडेंट सौरभ गांगुली और बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष के अलावा प्रशांत किशोर, पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, वाम मोर्चा से विमान बोस को भी बुलाया गया था।

ममता बनर्जी ने बुधवार को तीसरी बार बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण में चौंकाने वाली बात रही, राज्यपाल जगदीप धनखड़ की हिदायत और उस पर बंगाल की सीएम का रिएक्शन। शपथग्रहण के बाद धनखड़ ने ममता को समझाते हुए कहा कि राज्य में जारी हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए। इसके बाद ममता ने कहा कि अभी राज्य की व्यवस्था चुनाव आयोग के पास थी, अब मैं नई व्यवस्था शुरू करूंगी। 

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ममता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में बंगाल की व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी। कानून व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी। मुझे हिंसा के संबंध में खबरें मिली हैं। पिछले कुछ दिनों में जो घटनाएं हुई हैं, उसका जिम्मेदार चुनाव आयोग है। हम भरोसा दिलाते हैं कि हम नई व्यवस्था बनाएंगे और बंगाल में किसी भी तरह की हिंसा की घटना नहीं होगी।

नंदीग्राम से हारी ममता, किसी अन्य सीट से लड़ना पड़ सकता है चुनाव

ममता बनर्जी राज्य में तीसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभालेंगी। हालांकि, खुद ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से चुनाव हार चुकी हैं। हालांकि, 66 साल की ममता बनर्जी को फिर किसी सीट से चुनाव लड़ना पड़ सकता है। इससे पहले ममता ने 20 मई 2011 को पहली और 27 मई 2016 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

कांग्रेस, लेफ्ट के बाद TMC का शासन सबसे ज्यादा

बंगाल ने 1950 से लगातार 17 सालों तक कांग्रेस को सत्ता सौंपी, लेकिन जब राज्य को सियासी उठापटक का सामना करना पड़ा तो 1977 में उसने वामदलों को चुन लिया। इसके बाद बंगाल ने लेफ्ट को एक या दो नहीं, पूरे सात विधानसभा चुनाव जिताए।

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लेफ्ट ने CPM की अगुआई में भारी बहुमत के साथ पूरे 34 साल राज किया। लेफ्ट का दौर खत्म हुआ तो ममता की तृणमूल को सत्ता मिली और वे पिछले दस साल से आरामदायक बहुमत के साथ बंगाल पर राज कर रही हैं। इस बार फिर वे भारी बहुमत के साथ लौट रही हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।