भाजयुमो की कार्यकारिणी में 40 प्रतिशत मिले प्रौढ़ , समिति ने प्रदेश प्रभारी को सौंपी अपनी रिपोर्ट

भाजयुमो की कार्यकारिणी में 40 प्रतिशत मिले प्रौढ़ , समिति ने प्रदेश प्रभारी को सौंपी अपनी रिपोर्ट
भाजयुमो की कार्यकारिणी में 40 प्रतिशत मिले प्रौढ़ , समिति ने प्रदेश प्रभारी को सौंपी अपनी रिपोर्ट

रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू द्वारा तैयार की गई प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर उठे विवाद के बाद जब जांच की गई तो 40% ऐसे पदाधिकारी मिले जो ओवर एज हैं। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी को भेज दी गई है।

भाजपा में युवाओं के संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने पिछले माह ही कार्यकारिणी का गठन किया था। मगर जैसे ही नामों का ऐलान हुआ, कुछ युवा नेताओं ने इसका यह कहते हुए विरोध कर दिया कि इस कार्यसमिति में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की नियुक्ति कर दी गई है जिनकी उम्र 35 वर्ष से ज्यादा है। एक पदाधिकारी ने तो कार्यकारिणी में बदलाव नहीं किए जाने पर धमकी भी दे डाली।

ऐन वक्त पर भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी का रायपुर आगमन हुआ तब उन्होंने शिकायतों के आधार पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू को तलब किया और उन्हें जमकर फटकार लगाई। साथ ही उन्होंने भाजयुमो के प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंह और ओपी चौधरी की संयुक्त टीम बनाकर नियुक्तियों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा।

पदाधिकारियों से मंगाए गए उम्र से संबंधित दस्तावेज

डी. पुरंदेश्वरी के निर्देश के बाद कमेटी ने सभी पदाधिकारियों से उनके जन्म से संबंधित प्रमाण पत्र मंगाए। इस संबंध में चर्चा के दौरान अनुराग सिंह देव ने बताया कि लगभग 30 से 40 प्रतिशत पदाधिकारी ओवर एज पाए गए हैं और इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार करके भाजपा प्रदेश प्रभारी को भेज दिया गया है।

फेरबदल की संभावना नहीं, मगर पार्टी का आदेश शिरोधार्य

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने टीआरपी न्यूज़ से चर्चा में कहा कि एक बार नियुक्ति के बाद फिर बदलाव की संभावना नहीं होती है, फिर भी अगर इस मामले में पार्टी अगर कोई दिशानिर्देश देती है तो संगठन में फेरबदल किया भी जा सकता है।

वरिष्ठों की अनुशंसा पर ही हुई नियुक्ति

अमित साहू ने बताया कि भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में जितनी भी नियुक्तियां हुई हैं सभी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की अनुशंसा पर ही की गई हैं, उन्होंने निजी तौर पर इसमें कुछ भी नहीं किया है।

प्रदेश भाजयुमो में पहली बार ऐसा हुआ है जब संगठन में नियुक्तियों को लेकर पार्टी को विरोध झेलना पड़ा। हालांकि नियुक्ति के लिए निर्धारित उम्र के अलावा एक ही इलाके से सर्वाधिक पदाधिकारियों की नियुक्ति करने को लेकर ज्यादा आपत्ति रही। वैसे पार्टी के अनुभवी युवा नेता बताते हैं कि संगठन में एक बार नियुक्ति के बाद इसमें फेरबदल की संभावना बहुत ही कम रहती है, फिर भी अगर पार्टी के प्रदेश प्रभारी इसमें बदलाव के लिए दिशानिर्देश देते हैं तो ऐसा किया भी जा सकेगा।

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