Home Gardening: तड़का हो या सूप, रसोई की शान बढ़ाने वाली काली मिर्च अब आपके गार्डन की शोभा भी बढ़ा सकती है। क्या आपने कभी सोचा है कि जिस काली मिर्च को आप खाने में इस्तेमाल करते हैं, उसकी बेल घर पर ही हरी-भरी तैयार की जा सकती है? इन दिनों सोशल मीडिया पर गार्डनिंग के शौकीनों के बीच एक अनोखा तरीका छाया हुआ है, जिसमें काली मिर्च उगाने के लिए केले और एलोवेरा का इस्तेमाल करने वाली एक घरेलू ट्रिक काफी चर्चा में है।
इस वायरल ट्रिक के तहत साबुत काली मिर्च के दानों को एक पके हुए केले के अंदर रखकर मिट्टी में दबाया जाता है। तो आइए जानते हैं कि इस घरेलू नुस्खे में कितनी सच्चाई है और पौधा उगाने का सही तरीका क्या है।
सही काली मिर्च के बीज चुनना क्यों जरूरी है?
घर में काली मिर्च का पौधा उगाने की शुरुआत सही बीज से होती है। इसके लिए साबुत और अच्छी गुणवत्ता वाली काली मिर्च लेनी चाहिए। बाजार में मिलने वाली हर काली मिर्च अंकुरण के लिए उपयुक्त नहीं होती, क्योंकि सुखाने या प्रोसेसिंग के दौरान कुछ दाने अपनी क्षमता खो देते हैं। यदि आपके पास ताजी बेल से मिले पके दाने हैं, तो उनका इस्तेमाल बेहतर विकल्प है। बहुत पुराने या अत्यधिक सूखे दानों से पौधा तैयार होने की संभावना काफी कम होती है।
क्या है केले और एलोवेरा वाली वायरल ट्रिक?
इस वायरल तरीके में एक पका हुआ केला लेकर उसके बीच में हल्का चीरा लगाया जाता है। इसके बाद उसमें कुछ साबुत काली मिर्च के दाने रखकर थोड़ी मात्रा में ताजा एलोवेरा जेल लगाया जाता है और फिर केले को मिट्टी में दबा दिया जाता है। हालांकि, इसे कोई पक्का वैज्ञानिक तरीका नहीं माना जाना चाहिए। इसका मुख्य फायदा केले की नमी और जैविक पदार्थ से मिलने वाले अनुकूल वातावरण के रूप में देखा जा सकता है। इसके साथ सामान्य बीज अंकुरण की सही परिस्थितियां बनाए रखना भी जरूरी है।
गमले के लिए कैसी मिट्टी होनी चाहिए?
काली मिर्च के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी चुनें जो पानी को रोककर न रखे और पर्याप्त नमी बनाए रखे। सामान्य बगीचे की मिट्टी में कोकोपीट, रेत या अन्य ढीली सामग्री और अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद मिलाई जा सकती है। गमले के नीचे ड्रेनेज होल का होना अनिवार्य है, ताकि पानी जमा न हो। मिट्टी को हल्का और भुरभुरा रखना इस बेल के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी रहता है।
गमले में केले को लगाने का सही तरीका
गमले में तैयार मिट्टी भरकर बीच में छोटा गड्ढा बनाएं और केले को बहुत गहराई में दबाने के बजाय मिट्टी की हल्की परत से ढकें। इसके बाद इतनी ही नमी दें कि गमले में पानी जमा न हो। यदि केले का हिस्सा सड़ने लगे, बदबू आए या फंगस दिखे, तो उसे तुरंत हटा दें। पौधे को उगाने के लिए केवल सड़ी हुई जैविक सामग्री पर निर्भर रहने के बजाय स्वस्थ मिट्टी और सही नमी पर ध्यान देना चाहिए।
रोशनी और पानी की जरूरत
काली मिर्च एक बेलदार पौधा है जिसे पर्याप्त रोशनी के साथ नमी वाला वातावरण पसंद है। शुरुआती चरण में पौधे को तेज दोपहर की सीधी धूप से बचाएं। हल्की सुबह की धूप आती रोशनी इसके लिए बेहतर होती है। हमेशा मिट्टी की ऊपरी सतह देखकर ही पानी दें, क्योंकि हर दिन जरूरत से ज्यादा पानी डालना सही तरीका नहीं है।
पौधा निकलने के बाद क्या करें?
जब काली मिर्च का पौधा बढ़ने लगे, तो उसे ऊपर चढ़ने के लिए सहारे की जरूरत पड़ती है। इसके लिए गमले में लकड़ी की पतली छड़ी, जाली या अन्य उपयुक्त सपोर्ट लगाया जा सकता है। बेल को धीरे-धीरे इसी सहारे की तरफ आगे बढ़ाना चाहिए।



