रायपुर/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के पहले चरण का मतदान 7 नवंबर को संपन्न हो चुका है मगर बस्तर के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों के 29 मतदान केंद्रों की कुछ पोलिंग पार्टियों के जिला मुख्यालय नहीं पहुंचने की खबरों ने सभी को चिंता में डाल दिया था। हालांकि निर्वाचन आयोग की CEO के आश्वासन और दिशा-निर्देश के बीच मतदान कर्मियों को हेलीकाप्‍टर से लाने का क्रम शुरू हो गया है।

मतदान कर्मियों को लाना फोर्स के लिए चुनौती

नक्सली दहशत के चलते मतदान कर्मियों को लाना फोर्स के लिए चुनौती मानी जा रही है। निर्वाचन आयोग को इस बार मतदान कर्मियों को ले जाने और लाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर का इंतजाम किया गया था। दरअसल केंद्रों तक हेलीकॉप्टर से पहुँचाने के बाद मतदान कर्मियों को सुरक्षा की दृष्टि से कैंप में ही रखा गया था। मतदान के बाद ईवीएम व पीठासीन अधिकारी को मतदान के दूसरे दिन लाया गया। खबर मिली है कि अतिसंवेदनशील क्षेत्र होने के कारण मतदान कर्मियों को सुरक्षित हेलीकाप्‍टर से बीजापुर लाया जा रहा है।

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मिली जानकारी के मुताबिक बीजापुर विधानसभा के पुसनार, गंगालूर तर्रेम, पामेड़, बेदरे, फरसेगढ़, कुटरू, उसूर व मिरतुर क्षेत्र के सैकड़ों मतदान कर्मियों को हेलीकाप्‍टर द्वारा गुरुवार सुबह से लाने का क्रम जारी है। इसी तरह दूसरे जिलों से भी मतदान कर्मियों को वापस लाने का क्रम शुरू होने की खबर है।