Supreme Court

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनावी बॉन्ड योजना को लेकर अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि इसकी समीक्षा शीर्ष अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बता दें कि ईबीएस किसी भी मौजूदा अधिकार से वंचित नहीं है, यह क्लीन मनी का योगदान सुनिश्चित करता है।

वहीं भारत सरकार ने चुनावी बॉन्ड योजना को ‘अपारदर्शी और अलोकतांत्रिक’ बताते हुए चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली 5 जजों की बेंच के सामने लिखित दलीलें दी हैं। अटॉर्नी जनरल का कहना है, “राजनीतिक दलों के योगदान का लोकतांत्रिक महत्व है और यह राजनीतिक बहस के लिए एक उपयुक्त विषय है।”

मिली जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से कहा गया है, “प्रभाव से मुक्त शासन की जवाबदेही की मांग का मतलब यह नहीं है कि कोर्ट स्पष्ट संवैधानिक रूप से कानून के अभाव में ऐसे मामलों पर फैसला सुनाने के लिए आगे बढ़ेगा।”

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।