Center's New Law For The State -नया कानून, केंद्र की योजनाओं में समय पर देना होगा राज्यांश
Center's New Law For The State -नया कानून, केंद्र की योजनाओं में समय पर देना होगा राज्यांश

विशेष संवादाता

रायपुर। केंद्र का एक नया फरमान राज्य के उन विभागों को मुश्किल में डाल दिया है जो केंद्रीय योजना के खाते में राज्यांश जमा करने में विलंब कर रहे थे। केंद्र के नए कानून के तहत अब केंद्रांश मिलने के बाद राज्य का हिस्सा 30 दिन में नहीं डाला गया तो जुर्माना लगेगा। तत्संबंध में वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन ने सभी विभागों को आगाह किया है।

जानकारी के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी वाली योजनाओं में केंद्र से राशि मिलने के बाद यदि राज्य सरकार अपना हिस्सा देने में देरी करती है तो जुर्माना देना पड़ जाएगा. केंद्र सरकार का यह नया कानून एक अप्रैल से लागू हो गया है, जिसके अनुसार राज्य सरकार द्वारा योजना के सिंगल नोडल एजेंसी खाते में राशि डालने में 30 दिन का विलंब होने पर 7 फीसदी की दर से बतौर जुर्माना ब्याज चुकाना होगा। केंद्रीय योजनाओं के जनहित के कार्यों के सुचारू रूप से चल सकें और राज्य सरकारों की ओर से कोई कमजोरी न की जाए इसलिए यह सख्ती लागू की गई है। इसे लेकर राज्य के वित्त विभाग की विशेष सचिव शारदा वर्मा ने सभी विभागों को हिदायती पत्र भी लिखा है।

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पीएम आवास योजना में इसलिए आई थी पेंच

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) पर ऐसी स्थिति हो गई थी। जब राज्य सरकार की ओर से राशि नहीं दिए जाने के कारण केंद्र ने अपना हिस्सा वापस ले लिया था। इसलिए बड़े पैमाने पर पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले आवास नहीं बन पाए। हाल ही में केंद्र ने ऐसी योजनाओं की जानकारी भेजी थी, जिसमें राज्य ने अपने हिस्से की राशि कम और देरी से डाला था।

केंद्र से मिलने वाली राशि की निगरानी

वित्त विभाग से जुड़े जानकारों के अनुसार केंद्र सरकार जो राशि राज्यों को भेजती है, उसकी निगरानी भी करती है। केंद्र के हिस्से की राशि को किसी अन्य मदों या योजना के अतिरिक्त दूसरे कार्य में खर्च नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, जब तक योजना के लिए राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि सिंगल नोडल एजेंसी खाते में अब जमा नहीं करेगी, तब तक उसका उपयोग नहीं कर पाएगी।

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इससे लाभ और हानि

0 केंद्र-राज्य की हिस्सेदारी वाली योजनायें अब लेटलतीफ नहीं होंगी

0 राज्य अपनी राशि समय पर जमा करेगा, नहीं तो देना होगा जुर्माना

0 दोनों की हिस्सेदारी वाली जनहितकारी योजना अब पैसों की मोहताज नहीं होगी

0 नए नियम से यह भी पता चल जायेगा कि योजनाओं का लाभ किसके कारण नहीं मिला

0 केंद्र की राशि का अब राज्य सरकारें अन्य दूसरे कार्यों में खर्च नहीं कर पायेगी

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।