Imran Khan's Medical Report Turned Out To Be False -पेशाब जांच में शराब-कोकीन और खरोंच नहीं आई बता दिया फ्रेक्चर
Imran Khan's Medical Report Turned Out To Be False -पेशाब जांच में शराब-कोकीन और खरोंच नहीं आई बता दिया फ्रेक्चर

टीआरपी डेस्क

इस्लामाबाद। अपने घर के अस्पताल में ही इलाज करवाकर खुद को घायल बताकर क़ानूनी रियायत का नाटक कर रहे इमरान खान की पोल खुल गई है। पाकिस्तान के हेल्थ मिनिस्टर ने इमरान खान की एक कथित मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कई शर्मनाक राज़ भी खोल दिया है। जिसमे इमरान के यूरिन टेस्ट रिपोर्ट को भी उल्लेख में लिया गया है। बताते हैं कि कस्टडी में लेने के बाद खान का मेडिकल टेस्ट कराया गया था। खान को 9 मई को नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो यानी NAB ने 60 अरब रुपए के अल कादिर ट्रस्ट स्कैम में गिरफ्तार किया था।

अब इस रिपोर्ट के कुछ हिस्से हेल्थ मिनिस्टर अब्दुल कादिर पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पढ़कर सुनाए। पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट जारी कर दी है। शहबाज़ सरकार का कहना है कि यह रिपोर्ट सामने आती, इससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने खान को तमाम केसों में जमानत दे दी थी।

हेल्थ मिनिस्टर अब्दुल कादिर पटेल ने कहा- इमरान दावा करते रहे कि सात महीने पहले वजीराबाद में उन पर जानलेवा हमला हुआ था। वो 6 महीने तक प्लास्टर बंधवाकर घूमते रहे। अब सीनियर डॉक्टर्स के पैनल ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें फ्रैक्चर की बात तो दूर, खरोंच तक नहीं मिली। पटेल ने आगे कहा- खान के यूरिन सैम्पल (टॉक्सिक सब्सटेंस) में शराब और कोकीन मिली है। सबसे हैरानी की बात यह है कि खान को मेंटली अनफिट बताया गया है।

इमरान खान के पाकिस्तान में दो हॉस्पिटल हैं। पहला- मां के नाम पर बनाया गया शौकत खानम कैंसर हॉस्पिटल। दूसरा- नमल हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर। दोनों ही हॉस्पिटल्स डोनेशन से बनाए गए, लेकिन इलाज सिर्फ अमीरों को मिलता है। इमरान ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट्स में अपने घरेलू हॉस्पिटल्स की रिपोर्ट्स पेश कीं और उन्हें जमानत भी मिल गई। जबकि अदालतें सिर्फ सरकारी या सरकार द्वारा तय अस्पताल में किये गए इलाज को ही मानती है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।