DRDO: भुवनेश्वर/नई दिल्ली। खाड़ी संकट के बीच भारत ने बंगाल की खाड़ी में लगभग 1550 किलोमीटर के दायरे में नो-फ्लाई जोन घोषित करते हुए एक महत्वपूर्ण NOTAM जारी किया है। यह NOTAM 12 से 14 अप्रैल के बीच संभावित मिसाइल परीक्षण को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह परीक्षण देश की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता और अत्याधुनिक तकनीकी ताकत को और मजबूत करने वाला हो सकता है।

DRDO: जारी NOTAM के अनुसार, ओडिशा तट के पास समुद्री क्षेत्र में करीब 837 नॉटिकल मील तक का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद रहेगा। इस बड़े क्षेत्र को प्रतिबंधित करने का उद्देश्य परीक्षण के दौरान नागरिक और व्यावसायिक विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

DRDO: सूत्रों के मुताबिक, इस परीक्षण की शुरुआत ओडिशा स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से होने की संभावना है, जो भारत के प्रमुख मिसाइल परीक्षण स्थलों में से एक है। यहां से पहले भी कई बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों का सफल परीक्षण किया जा चुका है।

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DRDO: विशेषज्ञों का मानना है कि NOTAM में निर्धारित दूरी और क्षेत्रफल यह संकेत देते हैं कि यह परीक्षण या तो DRDO के हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल से जुड़ा हो सकता है या फिर अग्नि सीरीज मिसाइल के किसी उन्नत संस्करण का।

DRDO: बता दें कि हाइपरसोनिक तकनीक में ध्वनि की गति से कई गुना तेज गति से उड़ान भरने और लक्ष्य तक सटीक पहुंचने की क्षमता होती है, जिससे इसे आधुनिक युद्ध प्रणाली में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे परीक्षणों के लिए विस्तृत समुद्री क्षेत्र की आवश्यकता होती है, ताकि मिसाइल के पूरे मार्ग और प्रदर्शन का सटीक आकलन किया जा सके।