ED's hearing in CG - पुकार के बाद सुनवाई, बेल नहीं जेल रिमांड का फैसला
ED's hearing in CG - पुकार के बाद सुनवाई, बेल नहीं जेल रिमांड का फैसला

विशेष संवादाता, रायपुर

मनी लांड्रिंग मामलें में जेल में बंद कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, निलंबित IAS समीर विश्नोई समेत चारों आरोपियों को ED के अधिकारी न्यायालय लेकर पहुंचे हैं। इन आरोपियों की न्यायिक रिमांड की अवधि बुधवार को खत्म हो गई थी। ED ने अदालत से आरोपियों की न्यायिक रिमांड बढ़ाने की मांग की। वहीं एक आरोपी सुनील अग्रवाल की ओर से अदालत में जमानत की अर्जी लगाई गई थी। बचाव पक्ष ने भी कर्नाटका हाई कोर्ट का स्टे का उद्धरण देते हुए बेल देने की गुज़ारिश की लेकिन स्पेशल कोर्ट के जज अजय सिंह राजपूत ने जमानत नहीं दिया। कोर्ट ने चरों आरोपियों को अगली सुनवाई 6 दिसंबर तक जेल अभिरक्षा में भेजने का फैसला सुनाया है।

बताते हैं कि रिमांड पेशी में लाये गए ED के सभी चरों आरोपियों के जेल, बेल या जमानत पर कयास लग रहा था। दोपहर तक यह भी सुनने में आया कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन की वजह से आज सुनवाई ताल सकती है। इसलिए पुकार के बाद पेश होने और आरोपियों के साइन करने के बाद पुनः जेल रवानगी होगी। कारोबारी सुनील अग्रवाल की जमानत याचिका भी लगी थी जिसपर सुनवाई की गई और साथ ही साथ ED ने जमानत पर आपत्ति भी जताई। जज अजय सिंह राजपूत ने अपना फैसला दिया और सभी 4 आरोपियों को 6 दिसंबर तक के लिए जेल अभिरक्षा में भेज दिया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।