भारत जोड़ो यात्रा के बिच राहुल से करेंगे हसदेव के वनवासी
भारत जोड़ो यात्रा के बिच राहुल से करेंगे हसदेव के वनवासी

टीआरपी डेस्क

हसदेव अरण्य क्षेत्र में खदानों के विरोध में वर्षों से आंदोलन चल रहा है। 2 मार्च 2022 से तो वहां लोग धरने पर बैठे हैं। घाटबर्रा के सरपंच जयनंदन सिंह पोर्ते का कहना है, खदानाें का आवंटन ही गलत हुआ है। इसके लिए प्रभावित ग्राम सभाओं से जो सहमति दिखाई गई है वह फर्जी है। जिन तारीखों पर ग्राम सभा के प्रस्तावों का जिक्र है, उस दिन ग्राम सभा की बैठक में खदान से संबंधी किसी प्रस्ताव पर चर्चा तक नहीं हुई है।

ग्रामीण इसकी लिखित शिकायत थाने से लेकर राष्ट्रपति भवन तक कर चुके हैं। उसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। पिछले साल दो अक्टूबर से ग्रामीणों ने पदयात्रा शुरू किया था। हम 300 किमी पैदल चलकर रायपुर पहुंचे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिले। हमें आश्वासन मिला कि उनके जंगलों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा, लेकिन अब पेड़ों को काट दिया गया है।

हसदेव अरण्य क्षेत्र के ग्रामीण इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने जा रहे हैं। इससे पहले 14 अक्टूबर को सरगुजा के हरिहरपुर में जंगल बचाओ सम्मेलन होना है। यहां से पारित प्रस्ताव लेकर ग्रामीण भारत जोड़ो यात्रा में चल रहे राहुल गांधी से मिलने जाएंगे।

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हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के लोग इस जंगल बचाओ सम्मेलन के लिए प्रदेश भर में लोगों और संगठनों से मुलाकात कर रहे हैं। मंगलवार को रायपुर आये ग्रामीणों ने बताया, घाटबर्रा गांव के पास 43 हेक्टेयर का पूरा जंगल काट दिया गया है। इलाके में पुलिस तैनात है। रास्तों को बंद कर दिया गया है। इसकी वजह से घाटबर्रा गांव तक पहुंचने का मुख्य रास्ता बंद हो गया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।