Treasure Island Seal- बतौर निगम टैक्स 15 करोड़ 38 लाख बकाया, पिक्चर अभी बाकि है..
Treasure Island Seal- बतौर निगम टैक्स 15 करोड़ 38 लाख बकाया, पिक्चर अभी बाकि है..

विशेष संवादाता, रायपुर

राजधानी के सबसे विवादित मॉल ट्रेजर आईलेंड पर निगम की देनदारी इतनी बढ़ गई है कि उसका मालिकाना हक़ रखने वाले अब रायपुर नगर पालिक निगम जोन 9 के सामने घुटनों में आ जायेंगे। बीते 11 साल में करोड़ों रूपये खर्च कर तैयार किये गए ट्रेजर आईलेंड की आधी कीमत के बराबर निगम टैक्स रोपित किया गया है।

वर्षों बाद जोन 9 के पण्डित विद्याचरण शुक्ल वार्ड नम्बर 51 में स्थित ट्रेजर आईलेंड पर नगर निगम का वर्ष 2011-12 से 2022-23 तक का कुल 15 करोड़ 37 लाख 40630 रूपये का बकाया वसूलने वारंट जारी कर पहले से ही बंद बिल्डिंग को सीलबंद कर दिया है।

इतना ही नहीं निगम के आदेश के मुताबिक अब ट्रेजर आईलेंड द्वारा किसी भी प्रकार की गतिविधि प्रारम्भ करने या खरीदी / बिक्री शुरू करने से पहले नगर निगम रायपुर से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना संचालक को आवश्यक होगा।

यह कहना गलत नहीं होगा कि अब इस संपत्ति पर एक तरह से निगम का हक़ पहले बनता है। निगम हलकों में चर्चा है कि इस संपत्ति के वर्तमान मालिक को ट्रेजर आईलेंड छोड़ने या शुरू करने का दबाव बढ़ना तय है।

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जानकारी के अनुसार नगर निगम ने डिमांड बिल, डिमांड नोटिस और बकाया वसूलने के लिए जोन 9 राजस्व विभाग द्वारा अपने सबसे बड़े बकायादार ट्रेजर आईलेंड को वारंट जारी किया गया था।

आज हुई इस सीलबंदी की प्रक्रिया नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी के आदेशानुसार एवं अपर आयुक्त अरविन्द शर्मा, उपायुक्त डॉक्टर आरके डोंगरे के निर्देशानुसार जोन 9 जोन कमिश्नर महेन्द्र पाठक के नेतृत्व में नगर निगम जोन 9 राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई किया।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।