रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन विभाग में जल्द ही बड़े प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) समेत कई अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव की संभावना है। इसकी शुरुआत उन वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति से हो रही है, जिन्होंने वन एवं पर्यावरण क्षेत्र में लम्बे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी विदेश दौरे से लौट आए है। ऐसे में जल्द ही इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।

1988 बैच के PCCF (वन्य प्राणी) सुधीर अग्रवाल और 1993 बैच के आलोक कटियार 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सुधीर अग्रवाल ने सिविल इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता प्राप्त कर वन विभाग में आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। वहीं, आलोक कटियार ने बॉटनी में एमएससी की शिक्षा ली और वर्किंग प्लान जैसी अहम शाखाओं में योगदान दिया। दोनों ही अधिकारियों की विदाई के साथ विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

बता दे कि सितंबर में 2006 बैच के प्रभाष मिश्रा भी सेवानिवृत्त होंगे। इसके अलावा अक्टूबर में 1991 बैच के मोरिश नंदी और 1994 बैच के सुनील मिश्रा की भी सेवानिवृत्ति तय है, जिससे विभाग में उच्च स्तर पर पुनर्गठन की संभावना और प्रबल हो गई है।

इन वरिष्ठ अफसरों पर टिकी निगाहें

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ आईएफएस अफसर प्रेमकुमार और तपेश झा को पीसीसीएफ (वन्य प्राणी) जैसे महत्वपूर्ण पद पर जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके साथ ही अरुण पांडेय और कौशलेन्द्र कुमार जैसे अधिकारियों को भी बड़ी भूमिका मिल सकती है। विभागीय परंपरा के अनुसार, पीसीसीएफ (वन्य प्राणी) का पद वन विभाग में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद होता है, जिसे आमतौर पर अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी अफसरों को सौंपा जाता है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है।