IAS डॉ. वरदमूर्ति मिश्रा

भोपाल। कुछ माह पूर्व ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद IAS डॉ. वरदमूर्ति मिश्रा ने मप्र में नए राजनैतिक दल के गठन का ऐलान किया। उन्होंने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस मेंआरोप लगाया कि भाजपा पिछले 20 वर्षों से प्रदेश में शासन कर रही है किंतु आज भी किसान बदहाल हैं, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहद कमी है, प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हालात संतोषप्रद नहीं हैं।

बजट से ज्यादा कर्ज

डॉ मिश्रा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार पर 3,12,000 करोड का कर्ज हो चुका है जबकि सरकार का कुल बजट 2,90,000 करोड़ है अपने बजट से ज्यादा सरकार कर्ज ले चुकी है। सरकार जो भी वर्तमान में बाजार से कर्जा ले रही है, उससे केवल ब्याज ही चुकाया जा सकता है, सरकार के पास विकास के नाम पर कोई पैसा उपलब्ध नहीं है, इससे ज्यादा सरकार की नाकामी हो नहीं सकती।

दोनों दल एक दूसरे के पूरक

कांग्रेस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीने जब उनकी सरकार रही तब भी उन्होंने जनता की भलाई के लिए एवं रोजगार सृजन के लिए कोई प्रयास नहीं किए, दोनों ही दल एक दूसरे के पूरक हैं, इसलिए वे आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव में नया दल बनाकर 230 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

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बता दें कि वरदमूर्ति मिश्रा पूर्व में तत्कालीन सीएम कमलनाथ के ओएसडी भी रहे हैं। साथ ही छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार भी रहे हैं। उनका कार्यकाल इस दौरान विवादित रहा है। वरदमूर्ति मिश्रा सरकार से भी लोहा लेते रहे हैं। वह कई बार सरकारी फैसलों के खिलाफ न्यायालय भी गए।

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