रायगढ़। जिले के शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने मातहतों के लिए जारी एक आदेश से शिक्षा जगत में भूचाल मच गया था। शिक्षकों के जबरदस्त विरोध के बाद अधिकारी को संशोधित आदेश जारी करना पड़ गया।

मामला शिक्षकों और कर्मचारियों के किसी भी प्रदर्शन में भाग लेने से जुड़ा था। रायगढ़ डीईओ ने कलेक्टर की बैठक में नाराजगी और समीक्षा बैठक में दिये निर्देश को आधार बनाते हुए शिक्षकों और अन्य स्टाफ के लिए आदेश जारी किया था कि, कोई शिक्षक अगर सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक रैली प्रदर्शन में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

आदेश का हुआ व्यापक विरोध

जिला स्तर पर जारी हुए DEO के इस आदेश का शिक्षकों और उनके संगठनों ने काफी विरोध किया। दरअसल अब तक शासकीय कर्मियों का केवल राजनैतिक सभा और प्रचार-प्रसार में शामिल होना प्रतिबंधित था, मगर DEO ने इस आदेश में सामाजिक और धार्मिक रैली, प्रदर्शन में शामिल होने को भी जोड़ दिया, जबकि इस तरह के आयोजनों में शामिल होना कोई गलत नहीं माना जाता।

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लगातार हो रहे विरोध को देखते हुए DEO रायगढ़ ने संशोधित आदेश जारी किया और इसमें केवल राजनैतिक गतिविधियों में शामिल होने पर कार्रवाई की बात कही गई है। इसके अलावा ऍम लोगों को भड़काने जैसी गतिविधियों से भी बचने को कहा गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले के DEO के रिटायरमेंट के बाद बलौदा-बाजार के प्रभारी DEO हिमांशु भारतीय को तबादले पर प्रभारी DEO बनाकर रायगढ़ भेजा गया, मगर यह आदेश निरस्त हो गया, जिसके बाद जिले में ही पदस्थ तरशीला एक्का को DEO का प्रभार दिया गया था। हालांकि इस बीच 23 अगस्त को खैरागढ़ डाइट के प्राचार्य डॉ के व्ही राव को रायगढ़ जिले का प्रभारी DEO बनाने का आदेश जारी किया गया है, जिन्होंने अभी जॉइनिंग नहीं दी है।

देखें संशोधित आदेश :