गौतम अडानी

बिजनेस डेस्क। अरबपति गौतम अडानी की अगुआई वाली अडानी पावर ने बुधवार को छत्तीसगढ़ में थर्मल पावर प्लांट का संचालन करने वाली कंपनी डीबी पावर के अधिग्रहण से हाथ पीछे खींच लिए। यह डील 7,017 करोड़ रुपये में तय हुई थी। अभी अडानी ग्रुप ने हाल ही बयान जारी किया था कि उसके पास नगदी की कोई कमी नहीं है।

अडानी ग्रुप को डीबी पॉवर के साथ पिछले साल अगस्त 2022 में समझौता तय होने के बाद प्रक्रिया को पूरा करने के लिए चार मौके मिले थे। मगर कंपनी इसको अंतिम रूप देने में असफल रही। अडानी पावर ने बुधवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि हम बताना चाहते हैं कि 18 अगस्त, 2022 को साइन किये गए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के बाद जो वक्त मिला था वो निकल चुका है। अडानी ग्रुप और डीबी पावर के बीच इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में हुई यह डील अडानी ग्रुप की दूसरी सबसे बड़ी एक्विजिशन डील थी।

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इससे पहले अगस्त 2022 में, अडानी पावर ने एक्सचेंजों को जानकारीं दी थी कि वह डीबी पावर लिमिटेड (डीबी पावर) का अधिग्रहण करने के लिए सहमत हो गया है, जो छत्तीसगढ़ में जिला जांजगीर चांपा में स्थित है। हालांकि डील खत्म होने पर कंपनी की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। एमओयू की शुरूआती तारीख 31 अक्टूबर, 2022 थी। बाद में लेनदेन की समय सीमा 30 नवंबर, 2022, 31 दिसंबर, 2022, 15 जनवरी, 2023 और 15 फरवरी, 2023 तक चार बार बढ़ाई गई।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।