नई दिल्ली। लोक सभा चुनाव नजदीक है और चुनाव को लेकर आचार संहिता भी जल्द लागू हो सकती है। ऐसे में केंद्र एवं राज्य सरकारें लोकसभा चुनाव संपन्न होते तक आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए किसी भी प्रकार की कोई घोषणाएं नहीं कर पाएगी। इसके पहले केंद्र सरकार महंगाई को कुछ कम करने की कोशिश कर रही है जिससे आम जनता को महंगाई से कुछ हद तक राहत मिल सके। हाल ही में केंद्र सरकार ने रसोई गैस की कीमतों में प्रति सिलेंडर 100 रुपए की कटौती कर देश की जनता को बड़ी राहत दी है। वहीं प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केेंद्र सरकार इस साल अपने बफर स्टॉक के लिए पांच लाख टन प्याज खरीदने की योजना बना रही है। इसका उपयोग कीमत बढ़ने की स्थिति में उसे काबू में करने के लिए किया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि सरकार की तरफ से एनसीसीएफ और नैफेड जैसी एजेंसियां ​​प्याज की खरीद करेंगी।

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खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने पिछले साल पांच लाख टन का बफर स्टॉक बनाया था। इसमें से एक लाख टन अभी भी उपलब्ध है। सूत्रों ने कहा कि अपने ‘बफर स्टॉक’ से रियायती दर पर प्याज बेचने के सरकार के फैसले से कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिली है। सरकार इस महीने के अंत में प्याज निर्यात पर प्रतिबंध हटाने पर फैसला लेगी। यह रोक 31 मार्च तक है। सरकार की बफर स्टॉक बनाने की योजना 2023-24 में प्याज के उत्पादन में गिरावट के अनुमान के बीच आई है।

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार प्याज का उत्पादन 2023-24 में लगभग 254.73 लाख टन होने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल यह लगभग 302.08 लाख टन था। महाराष्ट्र में 34.31 लाख टन, कर्नाटक में 9.95 लाख टन, आंध्र प्रदेश में 3.54 लाख टन और राजस्थान 3.12 लाख टन की उपज कम होने से कुल उत्पादन में यह गिरावट आने की आशंका है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में प्याज का उत्पादन 316.87 लाख टन रहा था।

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