भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के दौरान लाल निशान में ट्रेडिंग स्क्रीन दर्शाती डिस्प्ले
शेयर बाजार में लगातार सातवें दिन गिरावट, कच्चे तेल में तेजी के कारण सेंसेक्स 200 अंक से अधिक टूटा।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 19 अगस्त को लगातार सातवें कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 200 अंक से अधिक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और कमजोर वैश्विक संकेत हैं, जिसने स्थानीय निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया है।

बुधवार सुबह 09:45 बजे सेंसेक्स 216.98 अंकों की गिरावट के साथ 77,018.48 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 73.21 अंकों की कमी के साथ 24,081.70 अंक के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार में बिकवाली का यह रुख हर सेक्टर में देखने को मिला, जिसमें विशेष रूप से बजाज ट्विन्स (बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व) तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मौद्रिक हस्तक्षेप के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मामूली 1 पैसे की बढ़त के साथ 95.73 के स्तर पर पहुंच सका।

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कच्चे तेल में उछाल ने बढ़ाई चिंता
बाजार में जारी इस निरंतर गिरावट के पीछे गहराता अंतरराष्ट्रीय संकट सबसे बड़ा कारण है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के साथ किसी भी प्रकार की शांति वार्ता न करने के हालिया बयान के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति और गंभीर हो गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति और उसकी कीमतों पर पड़ा है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए हमेशा चिंता का विषय बनती हैं।

आम निवेशकों पर असर
शेयर बाजार में लगातार हो रही इस बिकवाली से आम निवेशकों की पूंजी में भारी सेंध लगी है। कच्चे तेल के उच्च स्तर पर बने रहने से देश में आयात बिल बढ़ेगा, जिससे भारतीय रुपये के मूल्य पर दबाव बढ़ सकता है और महंगाई दर में बढ़ोतरी की आशंका गहरा जाएगी। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे घरेलू शेयर बाजारों की रिकवरी की गति और धीमी होने की पूरी संभावना है।

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निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार इस समय कई चौतरफा वैश्विक चुनौतियों से जूझ रहा है। सात दिनों की लगातार गिरावट ने निवेशकों के भरोसे को झटका दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की भावी दिशा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें क्या रुख अपनाती हैं और वैश्विक तनाव में कमी आती है या नहीं। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो निफ्टी में निचले स्तरों पर और अधिक करेक्शन देखा जा सकता है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।