टीआरपी डेस्क। पेटीएम अभी भी मुश्किलों में घिरा हुआ है। कंपनी के शेयरों में लगातार उतार-चढ़ाव रहता है। वहीं कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो कंपनी घाटे का सामना कर रही है। ऐसे में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि गौतम अदाणी अब पेटीएम की हिस्सेदारी खरीदने वाले हैं।

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि अदाणी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अदाणी पेटीएम में हिस्सेदारी खरीदने के लिए पेटीएम के संस्थापक विजय शंकर शर्मा के साथ बातचीत कर रहे थे।

रिपोर्ट्स में किए गए दावे को लेकर पेटीएम ने जवाब दिया। पेटीएम ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में केवल अटकलें लगाई जा रही है।

पेटीएम ने शेयर बाजार को बताया कि कंपनी इस संबंध में कोई भी चर्चा नहीं कर रही है। कंपनी ने पूर्ण रूप से स्पष्ट किया है कि उपर्युक्त समाचार काल्पनिक है। कंपनी सेबी के विनियम, 2015 के तहत अपने दायित्वों का अनुपालन कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

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बीते दिन कई अखबार या सोशल मीडिया पर सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा था कि अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस में हिस्सेदारी खरीदना चाह रहे हैं।

इन रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने “सौदे की रूपरेखा को अंतिम रूप देने” के लिए मंगलवार को अहमदाबाद में गौतम अडानी के कार्यालय में उनसे मुलाकात की।

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, विजय शर्मा के पास वन 97 कम्युनिकेशंस का लगभग 19 फीसदी हिस्सा है, जिसका मूल्य स्टॉक के मंगलवार के बंद मूल्य 342 रुपये प्रति शेयर के आधार पर 4,218 करोड़ रुपये है।

आज पेटीएम के शेयर तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। बुधवार के कारोबारी सत्र में पेटीएम के शेयर 5 फीसदी की तेजी के साथ 359.45 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रही थी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।