Stock Market: शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार से ही सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में दिखाई दिए और दिनभर सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव करते रहे। वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच घरेलू बाजार में बिकवाली देखने को मिली।
कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 279.59 अंक यानी 0.35 फीसदी फिसलकर 77,800.37 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 65.85 अंक यानी 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ 24,330.00 पर पहुंच गया। बाजार की कमजोरी से संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल नई पोजीशन लेने से पहले वैश्विक घटनाक्रम और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी की क्या है स्थिति?
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को 279.59 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,800.37 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 65.85 अंक या 0.27 प्रतिशत फिसलकर 24,330.00 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस मंदी में ट्रेंट और हिंडाल्को जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा, जिनमें 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और डॉलर इंडेक्स का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 99.9 के स्तर के आसपास बना रहा। अमेरिका में हाल ही में जारी हुए उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़े जुलाई में स्थिर रहे, जिसने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के नरम आंकड़ों के साथ मिलकर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं को कुछ कम किया है। अब बाजार विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना घटकर 35 प्रतिशत रह गई है, जो पहले 55 प्रतिशत तक आंकी जा रही थी।
निवेशकों पर असर और आगे की राह
शेयर बाजार के इस सुस्त और सीमित दायरे में रहने से खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर पड़ा है। ट्रेंट और हिंडाल्को जैसे हैवीवेट शेयरों में गिरावट से यह साफ है कि निवेशक मुनाफावसूली कर सुरक्षित रुख अपना रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर तनाव कम होता है और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से राहत देने वाले संकेत मिलते हैं, तो भारतीय बाजार में दोबारा लिवाली लौट सकती है। हालांकि, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं।


