Stock market trading screen showing rising graphs and numbers
The stock market witnessed a spectacular rally today, and key indices opened in the green.

टीआरपी डेस्क। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों और आईटी सेक्टर में लगातार दूसरे दिन जारी बिकवाली के कारण आज 13 फरवरी, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में ‘ब्लैक फ्राइडे’ जैसा माहौल दिख रहा है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 755 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 25,600 के स्तर के नीचे फिसल गया है।

आईटी शेयरों में गिरावट का सीधा असर उन लाखों निवेशकों और कर्मचारियों पर पड़ता है जो इस सेक्टर से जुड़े हैं। हालांकि, सरकारी कंपनियों (PSU) के बेहतर नतीजों ने बाजार को पूरी तरह धराशायी होने से बचाया है। पीयूष गोयल के बयान ने निवेशकों को लंबी अवधि के लिए भरोसा देने की कोशिश की है।

सेंसेक्स 755.40 अंक गिरकर 82,919.52 और निफ्टी 223.30 अंक टूटकर 25,583.90 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर 90.69 के स्तर पर पहुंच गया है।

इन शेयरों ने मचाई हलचल

इन्फोसिस, TCS, HCL टेक और विप्रो में भारी गिरावट जारी है। ग्लोबल डिमांड में कमी और एआई (AI) को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को डराया है। SBI लाइफ, टाटा कंज्यूमर, भारती एयरटेल और HDFC लाइफ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 3 गुना बढ़कर ₹347.2 करोड़ होने के कारण इसके शेयर में 12% का जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।

ONGC कंपनी का मुनाफा 22.6% बढ़कर ₹11,946.4 करोड़ रहा है। बोर्ड ने ₹6.25 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कोल इंडिया के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी का मुनाफा 15.6% गिरकर ₹7,166 करोड़ रह गया है।

“IT स्टॉक्स खरीदें, निराश न हों” – पीयूष गोयल

आईटी सेक्टर में जारी गिरावट के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निवेशकों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने नीति आयोग के एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय आईटी कंपनियां भविष्य और एआई (AI) के बदलावों को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने निवेशकों से अपील की कि वे देश के इकोसिस्टम पर भरोसा रखें और आईटी स्टॉक्स में निवेश करें।

अमेरिकी और एशियाई बाजारों का असर


कल अमेरिकी बाजारों (Wall Street) में आई गिरावट और आज सुबह से ही एशियाई बाजारों (Asian Markets) में दिख रही कमजोरी ने भारतीय निवेशकों का सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है। डॉलर की मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है।

बाजार में फिलहाल कोई बड़ा रिवर्सल नहीं दिख रहा है। दोपहर के सत्र में यूरोपीय बाजारों के खुलने के बाद निफ्टी में कुछ सुधार की उम्मीद की जा सकती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे उतार-चढ़ाव वाले इस बाजार में स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करें।