वॉशिंगटन। दुनियाभर की दिग्गज कंपनियों के टॉप पोस्ट पर ‘भारतीयों’ का कब्जा बढ़ता ही जा रहा है। इस सिलसिले में ताजा नाम जुड़ा है सोनिया स्यंगल का जिन्हें अमेरिका में कपड़ों के खुदरा व्यापार (अपैरल रिटेलर) की सबसे बड़ी कंपनी गैप इंक ने अपना सीईओ नियुक्त किया है। गोरे पुरुषों के दबदबे वाले कॉर्पोरेट वर्ल्ड में भारतीय मूल की एक महिला का जगह बनाना बड़ी बात है।

49 वर्षीय स्यंगल फॉर्च्युन 500 लिस्ट में शामिल किसी कंपनी की एकमात्र भारतीय-अमेरिकी महिला सीईओ हैं। उनसे पहले पेप्सिको की सीईओ के रूप में इंदिरा नूयी का नाम इस लिस्ट में शामिल था। वह 2018 में इस पद से हटी थीं।

कौन हैं सोनिया स्यंगल

भारत में जन्मीं सोनिया स्यंगल का परिवार उनके बचपन के दिनों में ही पहले कनाडा और फिर वहां से अमेरिका चला गया था। स्यंगल ने 1993 में केटरिंग यूनिवर्सिटी से मेकनिकल इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री जबकि 1995 में स्टैंडफर्ड यूनिवर्सिटी से मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग की मास्टर्स डिग्री हासिल की थी। उनके दो बच्चे 20 और 17 साल के हैं।

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सोनिया का करियर

स्यंगल ने कई फॉर्च्युन 500 कंपनियों में काम किया है। वह 10 वर्षों तक सन माइक्रोसिस्टम्स जबकि छह वर्षों तक फोर्ड मोटर में भी काम कर चुकी हैं। दोनों कंपनियों में काम करने के बाद उन्होंने 2004 में गैप जॉइन किया था। उन्हें कंपनी ने अपने वैल्यु चे ऑल्ड नेवी का सीईओ बनाया। उन्होंने कंपनी की ग्लोबल सप्लाइ चेन और प्रॉडक्ट-टु-मार्केट मॉडल का नेतृत्व किया था और यूरोप जोन की एमडी भी रही थीं। गैप के विभिन्न ब्रैंड्स में ऑल्ड नेवी, बनाना रिपब्लिक, ऐथलीटा और हिल सिटी शामिल हैं। सोनिया ने एक बार कहा था कि ‘गैप ने लोगों के सीने पर जितने नारे लिखे, उतना किसी कंपनी ने नहीं लिखा।’

दुनियाभर में गैप के 3,727 स्टोर

सोनिया की नियुक्ति से पहले गैप के संस्थापक के पुत्र रॉबर्ट फिशर कार्यकारी सीईओ के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोनिया स्यंगल कंपनी को और आगे ले जाएंगी। 18 अरब डॉलर (करीब 13 खरब रुपये) गैप इंक का रेवेन्यू वाली गैप इंक फॉर्च्यून 500 लिस्ट में 186वें स्थान पर काबिज है। यह किसी खास वर्ग में बिजनस करने वाली अमेरिका की सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी में 1 लाख 35 हजार कर्मचारी काम करते हैं। अमेरिका में 2,400 स्टोर समेत दुनियाभर में कुल 3,727 स्टोर हैं।

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भारतीय मूल के CEOs का दबदबा

फॉर्च्युन 500 कंपनियों को हेड करने वाली कंपनियों को लीड करने वाली महिलाओं की संख्या अभी 33 के रेकॉर्ड उच्च स्तर पर है। हालांकि, यह आंकड़ा महज 6% का है। इस लिस्ट में विदेशी मूल की महिलाओं का नाम तो और भी कम है। अडोबी से वी-वर्क तक, मास्टरकार्ड से माइक्रॉन और माइक्रोसॉफ्ट तक करीब दो दर्जन कंपनियें के सीईओ भारतीय मूल के हैं, लेकिन इनमें ज्यादातर पुरुष हैं।

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