टीआरपी डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी ने बड़ी गिरावट दर्ज की। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बाजार खुलते ही नीचे आ गया, और ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक और मेटल सेक्टर में बिकवाली का दबाव बना रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट

शुक्रवार सुबह 10:03 बजे तक सेंसेक्स 1,009.64 अंक (1.35%) गिरकर  73,821.56 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 316.25 अंक (1.4%) की गिरावट के साथ 22,228.80 पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान 517 शेयरों में तेजी, 2,661 शेयरों में गिरावट, और 107 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट

28 फरवरी को बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 6.1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 9 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। फरवरी में अब तक निफ्टी 50 में करीब 5% की गिरावट आई है और यह लगातार पांचवें महीने नुकसान की ओर बढ़ रहा है, जो पिछले 29 वर्षों की सबसे लंबी गिरावट है।

वैश्विक बाजारों में भी गिरावट का दौर

पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार भी लाल निशान में बंद हुए

  • डाउ जोन्स 0.45% गिरकर 43,239.50 पर
  • एसएंडपी 500 1.59% गिरकर 5,861.57 पर
  • नैस्डैक 2.78% गिरकर 18,544.42 पर

वहीं, एशियाई बाजारों में भी मंदी का असर दिखा, जहां सोल, चीन, जापान, बैंकॉक, जकार्ता और हांगकांग लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

एफआईआई ने जारी रखी बिकवाली, डीआईआई ने दिखाया भरोसा

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार छठे दिन बिकवाली जारी रखते हुए 27 फरवरी को 556.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने उसी दिन 1,727.11 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।