टीआरपी डेस्क। वैश्विक स्तर पर गहराते अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव के कारण गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। लगातार तीन दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लगाते हुए बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 1.4% से अधिक की गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए।

बाजार में मंदी के 5 मुख्य कारण
अमेरिका-ईरान तनाव: दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति ने निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) कम कर दी है।

कच्चे तेल में उछाल: ब्रेंट क्रूड 71.07 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे भारत के लिए आयात बिल बढ़ने और मुद्रास्फीति (Inflation) की चिंता पैदा हो गई है।

रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये का लगातार गिरना घरेलू बाजार के लिए नकारात्मक रहा।

विदेशी निवेशकों की दूरी: एशिया के प्रमुख बाजारों में चंद्र नव वर्ष (Lunar New Year) की छुट्टी के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की भागीदारी कम रही।

होर्मुज जलडमरूमध्य का डर: इस क्षेत्र में यातायात बाधित होने की आशंका से वैश्विक सप्लाई चेन और तेल आपूर्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

दिग्गज शेयरों का बुरा हाल
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में लगभग सभी शेयरों में बिकवाली देखी गई। इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के शेयरों में 3.5% तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, तेल कीमतों में तेजी के कारण केवल ONGC जैसे शेयरों में कुछ बढ़त देखी गई।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है।