मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों के चलते सुबह बाजार मजबूती के साथ खुले थे, लेकिन मुनाफावसूली के दबाव में गिरावट के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
16 अप्रैल को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 122 अंक गिरकर 77,988.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी फिसलकर 24,196 के स्तर पर आ गया। इससे पहले सुबह बाजार की शुरुआत शानदार रही थी; सेंसेक्स 565 अंकों की बढ़त के साथ 78,676.42 पर और निफ्टी 156 अंकों की तेजी के साथ 24,387.50 पर खुला था। हालांकि, कारोबार के अंतिम घंटों में बिकवाली हावी होने से बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी।
रुपये में मजबूती
शेयर बाजार में गिरावट के विपरीत विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये में मजबूती देखी गई। गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे की बढ़त के साथ 93.19 पर बंद हुआ। गौरतलब है कि पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 93.37 के स्तर पर बंद हुआ था। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की खबरों ने रुपये को सहारा दिया।
बाजार पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की खबरों से बाजार को शुरुआती ऊर्जा मिली, लेकिन स्थानीय स्तर पर निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर सतर्कता बरतते हुए मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


