White refined sugar pouring into burlap sack with price growth chart in background
त्योहारों के सीजन में चीनी की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन चीनी के ड्यूटी फ्री आयात को मंजूरी दी है।

Sugar price India: रक्षाबंधन, तीज, गणेश उत्सव समेत प्रमुख त्योहारों के बीच चीनी की कमी और बढ़ती कीमतों की आशंकाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने करीब एक दशक बाद चीनी के आयात की अनुमति दी है।

20 अगस्त 2026 को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए थोक उपभोक्ताओं की स्टॉक लिमिट भी घटाई गई है।

TRQ के तहत 10 लाख टन चीनी का आयात

सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर लगाम लगाने के लिए TRQ के तहत यह फैसला लिया है। 10 लाख टन कच्ची चीनी का आयात 31 अक्टूबर तक ड्यूटी फ्री किया जा सकेगा। इस कदम का उद्देश्य त्योहारों के दौरान चीनी की उपलब्धता बनाए रखना और मांग बढ़ने के बीच कीमतों में तेजी को कम करना है। 31 अक्टूबर के बाद 2026-27 का नया चीनी वर्ष शुरू हो जाएगा।

नए सीजन से पहले चीनी के दाम बढ़े

नए चीनी सीजन से पहले घरेलू बाजार में कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट में उद्योग निकाय के हवाले से बताया गया है कि देशभर में चीनी का औसत मिल मूल्य बढ़कर ₹5,400 से ₹5,500 प्रति क्विंटल हो गया है। पिछले साल यह करीब ₹3,900 प्रति क्विंटल था। उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त तक चीनी का औसत खुदरा भाव ₹52.30 प्रति किलो पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹46.34 प्रति किलो था। देश के कुछ स्थानीय बाजारों में चीनी की कीमत ₹65 से ₹70 प्रति किलो तक भी देखी जा रही है।

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जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक लिमिट घटाई

चीनी की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के बीच सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्ती की है। खाद्य मंत्री के अनुसार, हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का उपयोग करने वाले थोक उपभोक्ता अब 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह सीमा 1 अगस्त से 30 दिनों की थी। अब इसे घटाकर 15 दिन कर दिया गया है। इसका मकसद बाजार में पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध रखना और अनावश्यक स्टॉक जमा करने की स्थिति को रोकना है।

घरेलू मांग से कम हो सकता है उपलब्ध स्टॉक

1 अक्टूबर से चीनी का नया सीजन शुरू होगा। इससे पहले उद्योग के एक अनुमान के मुताबिक देश में करीब 40 से 42 लाख टन चीनी का स्टॉक बच सकता है। वहीं कुछ रिसर्चर्स का अनुमान है कि यह स्टॉक 30 से 32 लाख टन के आसपास रह सकता है। दोनों अनुमान घरेलू मांग के मुकाबले कम हैं। देश में घरेलू चीनी की मांग करीब 50 लाख टन रहने का अनुमान है। ऐसे में सरकार ने 31 अक्टूबर तक TRQ के तहत 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दी है।

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रायपुर में भी 65 रुपये के करीब चीनी का भाव

देशभर में चीनी की कीमतों में तेजी के बीच राजधानी रायपुर में भी खुदरा बाजार में चीनी का भाव करीब 65 रुपए प्रति किलो चल रहा है। त्योहारों से पहले कीमतों में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात को मंजूरी दी है।

5 FAQs

1. सरकार ने कितनी चीनी के आयात को मंजूरी दी है?
सरकार ने TRQ के तहत 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात को मंजूरी दी है।

2. चीनी का आयात क्यों किया जा रहा है?
त्योहारों के दौरान घरेलू मांग को पूरा करने, उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों में तेजी को कम करने के उद्देश्य से आयात की अनुमति दी गई है।

3. चीनी की कीमत कितनी बढ़ी है?
18 अगस्त तक औसत खुदरा कीमत ₹52.30 प्रति किलो थी, जबकि पिछले साल यह ₹46.34 प्रति किलो थी। कुछ स्थानीय बाजारों में कीमत ₹65 से ₹70 प्रति किलो तक बताई गई है।

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4. चीनी के स्टॉक की नई सीमा क्या है?
हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का उपयोग करने वाले थोक उपभोक्ता अब 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।

5. चीनी का नया सीजन कब शुरू होगा?
2026-27 का नया चीनी सीजन 1 अक्टूबर से शुरू होगा।